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आज कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है देव दीपावली, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में.

न्यूज डेस्क। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन भगवान शिव ने असुर त्रिपुरासुर का वध किया था। वहीं कार्तिक पूर्णिमा की शाम भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार लिया था। इस कारण कार्तिक पूर्णिमा का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण बन जाता है।

मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करना बेहद पुण्य का काम होता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान के बाद दीपदान करने से दस यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है।

इस बार कार्तिक पूर्णिमा 12 नवंबर के दिन है। वहीं ऐसी मान्यता भी है कि यदि कोई गंगा स्नान करता है तो उसे विशेष फलों की प्राप्ति होती है और शास्त्रों में पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी जी की पूजा का भी विधान माना जाता है।

ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आप किन उपायों को कर लेंगे तो माँ लक्ष्मी आप पर हो जाएंगी मेहरबान और बरसाएगी अपनी कृपा।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि इस दिन आप अपने घर को गंदा बिल्‍कुल न छोड़ें और साफ-सफाई जरूर करें।

ऐसा करने से घर में लक्ष्‍मी जी का आगमन होता है और इसी के साथ इस दिन आप अपने घर के द्वार को भी सजाएं ताकि माँ आए तो जा ना पाए।

कहते हैं कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के द्वार के सामने स्वास्तिक बनाएं तथा विष्णु भगवान व मां लक्ष्मी की पूजा करें।

कहा जाता है कार्तिक पूर्णिमा पर चांद जरूर देखना चाहिए और साथ ही मिश्री व खीर का भोग चढ़ाना चाहिए, जिससे माँ लक्ष्मी खुश हो जाती है।

कहते हैं कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान व गो दान का फल अनंत पुण्यदायी माना जाता है और इससे घर की सभी परेशानियां दूर होती हैं। इस दिन आप मंदिर में जाकर दीप-दान कर सकते हैं।

कहा जाता है इस दिन चावल, शक्कर और दूध का दान या बहुत थोड़ी मात्रा में नदी में इन्हें बहाने से भी अक्षय पुण्य फल मिलता है और बड़ा लाभ होता है।

इसके अलावा कार्तिक पूर्णिमा के दिन कुछ अन्य उपाय भी करें ताकि आपके जीवन की सभी मनोकमानाएं ही पूर्ण न हो बल्कि आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास भी हो सके।

स्नान के बाद ‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय’ मंत्र का जाप करें। साथ ही तिल और घी से भगवान विष्णु जी के निमित्त 108 आहुतियां दें।
श्री विष्णु के अलावा बाकी सभी देवताओं के लिये भी एक-एक घी की आहुति दें और अंत में एक पूर्णाहुति देकर हवन पूर्ण करें। इसके बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं और दक्षिणा दे। ऐसा करने से सारे कार्य सफल होंगे और नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलेगा।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन सूर्यदेव और गूलर के पेड़ की पूजा करें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि मिलती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गूलर के पेड़ की उपासना करने और दीप दान करना चाहिए इससे पूरे परिवार की तरक्की का राह खुलती है।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शंकर पूजा करें और मंदिर जा कर शिवलिंग पर जल अर्पित करें। इससे किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले होने वाला भय या अनजाना भय दूर होता है।

अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए आप कार्तिक पूर्णिमा के दिन कार्तिकेय भगवान की विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए और उनसे अपनी मनोकामना व्यक्त करनी चाहिए। इससे आपके घर में खुशहाली और सुख-शांति भी आएगी।

घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण बाधंना आपके घर में खुशहाली का रास्ता खोलेगा। घर के मंदिर में भी आम के पत्तों का तोरण लगाएं। साथ ही सुबह के समय भी भगवान विष्णु की पूजा कर धूप-दीप जलाएं। रात में चन्द्रदेव को जल और दूध अर्घ्य दें।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन शाम को तुलसी के पौधे में घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपकी और आपके परिवार की सेहत हमेशा अच्छी रहेगी और सेहत का वरदान मिलेगा।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन दो चन्दन के टुकड़े लें और एक टुकड़ा मन्दिर में दान दें और दूसरा टुकड़ा भगवान विष्णु को समर्पित कर दें। ये उपाय आपके दांपत्य जीवन में प्रेम को बढ़ाएगा।

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