मुझे गर्व होता है कि आप जहां भी रहें, आपमें भारत रहता है। आपके भीतर भारतीय संस्कृति के मूल्य जीवंत रहते हैं: PM मोदी

बैंकॉक (थाईलैंड)। PM नरेंद्र मोदी शनिवार को थाईलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। बता दें कि अपनी यात्रा के दौरान, वह आसियान, पूर्वी एशिया और RCEP शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब एशिया प्रशांत क्षेत्र के 16 देशों के बीच एक वृहद व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है और भारत को इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिये मनाने के वास्ते नये सिरे से राजनयिक प्रयास तेज हुये हैं। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी बैंकाक में ‘स्वासदी पीएम मोदी’ कार्यक्रम में भी हिस्सा ले रहे हैं।

PM मोदी तीन नवम्बर को 16वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वह चार नवंबर को 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और एक क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) समझौते पर बातचीत करने वाले देशों की तीसरी शिखर बैठक में भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के पवित्र पर्व के मौके पर भारत सरकार पूरे विश्व में कार्यक्रम आयोजित कर रही है। गुरु नानक देव जी के विचार पूरी मानवता की धरोहर हैं। ये हमारी जिम्मेदारी है कि अपनी विरासत का लाभ पूरी दुनिया को दें।

श्री मोदी ने कहा भारत में भगवान बुद्ध से जुड़े तीर्थ स्थलों का आकर्षण और बढ़ाने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। लद्दाख से लेकर बोधगया, सारनाथ से सांची तक, जहां-जहां भगवान बुद्ध के स्थान हैं, उनकी कनेक्टिविटी के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे।

अब हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं जो कभी असंभव लगते थे। जिन्हें सोच भी नहीं सकते थे। आप सभी इस बात से परिचित हैं कि आतंक और अलगाव का बीज बोने वाले एक बहुत बड़े कारण से देश को मुक्त करने का निर्णय भारत ने कर लिया है। पिछले पांच सालों में मुझे दुनिया के कई देशों में जाने का मौका मिला। हर जगह भारतीय समुदाय से मिलने की कोशिश मैं करता रहता हूं। आज भी आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आए, मैं इसके लिए आपका आभारी हूं। इस बार के आम चुनाव में इतिहास में सबसे ज्यादा 60 करोड़ मतदाताओं ने वोट डाले हैं। ये विश्व के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे बड़ी घटना है। हर भारतीय को इसका गर्व होना चाहिए।

130 करोड़ भारतीय आज न्यू इंडिया के निर्माण में लगे हैं। आपमें से जो लोग 5-7 साल पहले भारत गए हों, उन्हें अब भारत जाने पर सार्थक परिवर्तन स्पष्ट दिखता होगा और इसी का परिणाम है कि देशवासियों ने फिर एक बार मुझे पहले से भी ज्यादा आशीर्वाद दिया है। इस समय भारत जिस परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, ठीक उसी तरह से देश के लोगों ने इस वर्ष के प्रारंभ में लोकसभा चुनावों में दूसरी बार मुझे अपना प्रधान सेवक चुना। पिछली बार की तुलना में उन्होंने मुझे अधिक वोटों का आशीर्वाद दिया।

अब आप अपने विदेशी मित्रों को बता सकते हैं कि आप भारत से हैं और उन्हें बताएं कि भारत किस गति से आगे बढ़ रहा है। आपने थाईलैंड में भी देखा होगा कि जब भी भारत बोलता है, लोग ध्यान से सुनते हैं। ऐसी हर मुलाकात में मैंने देखा कि भारत और मेजबान देश की सभ्यता का एक अद्भुद संगम नजर आता है। मुझे गर्व होता है कि आप जहां भी रहें, आपमें भारत रहता है। आपके भीतर भारतीय संस्कृति के मूल्य जीवंत रहते हैं।

पिछले 5 सालों में मुझे दुनिया के कई देशों में जाने का मौका मिला। हर जगह भारतीय समुदाय से मिलने की कोशिश मैं करता रहता हूं। आज भी आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आए, मैं इसके लिए आपका आभारी हूं। दुनिया भर के भारतीय भारत में अपने साथियों के संपर्क में रहते हैं। मुझे इस बात की खुशी है। मेरे देशवासियों को गर्व की अनुभूति होती है, जब उन्हें पिछले पाँच वर्षों में देश की उपलब्धियों के बारे में पता चलता है।

हजारों साल पहले दक्षिण पूर्वी एशिया के साथ समुद्र के रास्ते जुड़े, हमारे नाविकों ने तब समुद्र की लहरों पर हजारों मील का फासला तय करके समृद्धि और संस्कृति के जो सेतु बनाएं वो आज भी विद्यमान हैं। भारत-थाइलैंड के रिश्ते सिर्फ सरकारों के बीच के नहीं है। इतिहास के हर पल ने, इतिहास की हर घटना ने, हमारे संबंधों को विकसित किया है, विस्तृत किया है और नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। ये रिश्ते दिल के है, आत्मा के हैं, आस्था के हैं, आध्यात्म के हैं।

थाइलैंड के राजपरिवार का भारत के प्रति लगाव हमारे घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है। राजकुमारी महाचक्री स्वयं संस्कृत की बहुत बड़ी विद्धान हैं और संस्कृति में बहुत गहरी रुचि है। भारत से उनका आत्मीय नाता बहुत गहन है। पूरी दुनिया ने हाल ही में दिवाली का त्योहार मनाया। पूर्वी भारत के बहुत से लोग यहां थाईलैंड में हैं। आज भारत में छठ पूजा मनाई जा रही है। मैं सभी भारतीयों और थाई को छठ पूजा की शुभकामना देना चाहता हूं।

आज का ये माहौल, ये वेशभूषा, हर तरफ से अपनेपन का अहसास दिलाती है। आप भारतीय मूल के हैं सिर्फ इसलिए नहीं, बल्कि थाइलैंड के जन-जन में, कण-कण में भी अपनापन नजर आता है। यहां के खानपान, परंपराओं, बातचीत, आस्था में कहीं न कहीं भारतीयता की महक हम महसूस करते हैं।

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