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योगी आदित्यनाथ ने ‘गो-लोक की ओर’ पुस्तक का किया विमोचन, बोले- प्रदेश सरकार ने गोहत्या पर लगाई लगाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने न केवल गो हत्या पर लगाम लगाई, बल्कि विभिन्न राज्यों और दूसरे देशों में होने वाली गो-तस्करी पर भी बड़े पैमाने पर रोक लगायी। योगी ने कहा, ‘‘2017 में जब मुझे सरकार का नेतृत्व करने का दायित्व दिया गया था, उस समय गायों को दूसरे देशों में तस्करी कर भेजा जाता था। मेरे सामने पवित्र गाय को बचाने की एक बड़ी चुनौती थी, जिसे मैंने पूरा किया।’’ एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शनिवार को सरस्वती कुंज निराला नगर में गो-लोक की ओर पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक गो-सेवक एवं विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा के द्वारा संकलित की गई। इस पुस्तक में गाय और गोवंश की महत्ता के बारे में विस्तार से बताया गया है।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री पद संभालते समय मेरे सामने यह चुनौती थी कि इतने बड़े पैमाने पर सड़क और खेतों पर घूम रहे गोवंश का क्या होगा। सरकार में आने के बाद लावारिस गोवंश के लिए व्यवस्था करनी थी। मुझे प्रसन्नता है कि वर्तमान में 5.24 लाख गोवंश सरकार द्वारा संचालित गो-आश्रय स्थलों में हैं। वहीं नगर निकायों द्वारा संचालित कान्हा उपवन में यह संख्या आठ लाख से ऊपर है। राज्य सरकार ने आठ लाख से अधिक गोवंश को संरक्षित किया।’’ उन्होंने कहा कि रविवार को गोपाष्टमी है, जिसे हजारों वर्षों से मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक ओर हम गाय की पूजा करते हैं, वहीं दूसरी ओर गाय का दूध निकालकर सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं। कथनी-करनी का भेद हमारे विचार और आचार में स्पष्ट देखने को मिलता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत सनातन काल से ही गाय और गो-वंश की महत्ता को समझता रहा है। सभी देवी-देवताओं का निवास हमने गौ में माना है। यह विश्वास जहां रहा हो, वहां हम गो-वंश की उपेक्षा करें, यह वास्तव में हमारी कथनी और करनी पर बहुत बड़ा प्रश्न खड़ा करता है।’’ इस अवसर पर गोसेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. श्याम नंदन सिंह, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री हेमचंद्र और सह प्रचार प्रमुख विद्या भारती (उत्तर प्रदेश) भाष्कर दुबे भी मौजूद थे।

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