एससी/एसटी आरक्षण के अनुमोदन के लिए बलाया गया मध्य प्रदेश का दो दिवसीय विधानसभा विशेष सत्र आज से

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र गुरूवार को शुरू हो गया। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को 10 साल के लिए आगे बढ़ाने वाले विधेयक का अनुमोदन इस सत्र में किया जाएगा। 16 और 17 जनवरी दो दिनों के लिए यह सत्र बुलाया गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य विधानसभाओं एवं लोकसभा में एससी/एसटी आरक्षण को और 10 साल के लिए बढ़ाए जाने संबंधी विधेयक के अनुमोदन के लिए बुलाए गए दो दिवसीय इस सत्र में पहले दिन विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त करने के पश्चात पत्रों को पटल पर रखा जाएगा इसके बाद संकल्प पारित किया जाएगा।

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आरक्षण का ये विधेयक इसलिए भी जरूरी हो गया, क्योंकि आरक्षण की अवधि इस वर्ष 25 जनवरी को समाप्त हो रही है। विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि देश की 50 प्रतिशत विधान सभाओं द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा।

पिछले साल दिसम्बर में संविधान (126वां) संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा द्वारा क्रमश: 10 और 12 दिसम्बर 2019 को पारित कर दिया गया है। बाद में इसे अनुमोदन के लिए राज्यों को भेजा गया है। इसे लागू करने से पहले कम से कम 50 प्रतिशत विधान सभाओं की सहमति जरूरी होती है। मध्य प्रदेश में आरक्षण का गणित देखे तो प्रदेश में लोकसभा की कुल 29 सीटें हैं, जिनमें से 4 एससी एवं 6 एसटी के लिए आरक्षित हैं। जबकि प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 35 सीटें एससी एवं 47 सीटें एसटी सदस्यों के लिए आरक्षित हैं।

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