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पुराना टैक्स चोर है अनुराग कश्यप, पहले लाखों में टैक्स चोरी करता था, अब करोड़ों में करते पकड़ा गया

न्यूज़ डेस्क। बॉलिवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप और ऐक्ट्रेस तापसी पन्नू पर हुई आईटी रेड को लेकर कांग्रेस और लिबरल गैंग विलाप कर रहा है। मोदी सरकार के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं कि केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने पर कलाकार और सिने जगत के निर्माता-निर्देशकों पर ‘इन्कम टैक्स’ के छापे डाले जा रहे हैं। लेकिन इस गैंग को पता होना चाहिए कि 2013 में कांग्रेस की सरकार में टैक्स चोरी के आरोप में अनुराग कश्यप के खिलाफ आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। तब 55 लाख रुपये की टैक्स चोरी के लिए छापेमारी की गई थी, तो लोकतंत्र था,अब करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी की वजह से छापेमारी की गई तो देश का लोकतंत्र खतर में पड़ गया।

दरसअल 2013 में आयकर विभाग ने 55 लाख की गड़बड़ी के आरोप में अनुराग कश्यक के अकाउंट सीज कर दिए थे। अनुराग को 70 लाख रुपये टैक्स के रूप देने थे, लेकिन उन्होंने 15 लाख रुपये का ही भगुतान किया था। छाप पड़ने के बाद अनुराग कश्यप को अपनी फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ की शूटिंग रोककर श्रीलंका से वापस मुंबई आना पड़ा था। हालांकि उस वक़्त ना तो लोकतंत्र की हत्या हुई थी, न ही किसी बदले की कार्रवाई, क्योंकि नरेन्द्र मोदी केंद्र की सत्ता में नही थे और न ही अनुराग उनके खिलाफ बोलते थे। केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकारें थीं।

सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के कुछ अधिकारी 26 अगस्त, 2013 को अनुराग के यारी रोड स्थित ऑफिस पहुंचे और उन्होंने दोपहर 2 बजे से रात 10.30 बजे तक गहन जांच-पड़ताल की। अनुराग पर 55 लाख रुपये के सर्विस टैक्स चोरी के आरोप थे। उन्हें 2012 में यह रकम जमा करवानी थी। शुरुआती जांच में आयकर अधिकारियों को उनके निजी खातों में गड़बड़ी मिली। इन गड़बड़ियों के आधार पर अनुराग को सर्विस टैक्स कमीशन के सामने पेश होने का समन भेजा गया था, लेकिन कश्यप ने सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफिस में अपना कोई नुमाइंदा भेज दिया। इस वजह से कश्यप के बैंक अकाउंट्स सीज कर दिए गए थे।

8 साल बाद 04 मार्च, 2021 को अनुराग कश्यप के खिलाप पड़े छापे में फर्क यह है कि आज केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार है, जिसका भ्रष्टाचार को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस की नीति’ है। किसी को ‘फ्रीडम ऑफ टैक्स चोरी’ की अनुमति नहीं है। हालांकि जो टैक्स चोर लाखों में गड़बड़ी करता था, अब करोड़ों में करने लगा है। हद तो तब हो गई, जब इसी टैक्स चोर ने मोदी सरकार से PM Cares फंड और टैक्स का हिसाब मांगने लगा था।

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