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किसानों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित मोदी सरकार ने दी किसानों को बड़ी सौगात, MSP खत्म करने के अफवाहों को गलत साबित कर बढ़ाया फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य

न्यूज़ डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित हैं। 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। अभी हाल ही में संसद से कृषि सुधार के ऐतिहासिक विधेयक पास कराने के बाद अब केंद्र सरकार ने रबी की 6 फसलों की नई MSP जारी कर किसानों को बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज इसकी घोषणा लोकसभा में की।

कृषि मंत्री नरेद्र सिंह तोमर ने कहा कि रबी की बुआई शुरू होने से पहले ही सरकार ने छह रबी की फसलों की MSP बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) की बैठक में इसको मंजूरी दी गई है। गेहूं की MSP 50 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ 1,975 रुपए हो गई है। चने में 225 रुपए की वृद्धि के बाद MSP 5,100 प्रति क्विंटल होगा। मसूर में 300 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि के बाद 5,100 रुपए क्विंटल होगा। सरसों में 225 रुपए का इजाफा किया गया है और अब इसकी MSP 4,600 प्रति क्विंटल है। जौ में 75 रुपए की वृद्धि की गई है और किसानों से 1,600 रुपए प्रति क्विंटल खरीद होगी। कुसुम में 112 रुपए की वृद्धि के बाद अब इसकी MSP 5,327 रुपए होगी।

मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि 2013-14 में मसूर पर 2,950 रुपए MSP दी जा रही थी आज देश के किसानों को 5,100 रुपए पा रहे हैं, यानी 73 फीसदी की अधिक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि 2009-14 के बीच में कांग्रेस सरकार के समय में 1.25 लाख मीट्रिक टन दाल की खरीद हुई थी। मोदी सरकार ने 2014 से 2019 के बीच 76.85 लाख मीट्रिक टन दाल खरीदी है। यह 4962 प्रतिशत की वृद्धि है। कृषि मंत्री ने कहा कि MSP के भुगतान की बात करें तो मोदी सरकार ने 6 साल में 7 लाख करोड़ रुपए किसानों को भुगतान किया है जो यूपीए सरकार से दोगुना है।

NDA कार्याकल में MSP में भारी बढ़ोतरी

मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी की गई है। यूपीए शसनकाल में (2013-14) में जहां मसूर का MSP 2950 रुपए था वहीं अब 5100 रुपये हो गया है। इसी तरह उड़द का MSP 4300 से बढ़कर 6000 रुपये हो गया है। इसी तरह मूंग,अरहर, चना और सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी भारी इजाफा किया गया है।

संसद से कृषि सुधार के दो ऐतिहासिक विधेयक पारित

लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी कृषि सुधार के दो ऐतिहासिक विधेयक पारित हो गए हैं। इन दोनों विधेयकों से अन्नदाता भाइयों-बहनोें को काफी फायदा होगा। नए कृषि सुधारों ने देश के हर किसान को आजादी दे दी है कि वो किसी को भी, कहीं पर भी अपनी फसल और फल-सब्जियां अपनी शर्तों पर बेच सकता है। नए सुधारों से कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, किसानों को आधुनिक टेक्नोलॉजी मिलेगी, साथ ही उनके उत्पाद और आसानी से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहुंचेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने विधेयक के पारित होने के बाद ट्वीट कर किसानों को बधाई दी और कहा कि किसानों को बिचौलियों से अब आजादी मिल गई है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के कृषि इतिहास में आज एक ऐतिहासिक दिन है। हमारे मेहनती किसानों को संसद में प्रमुख विधेयकों के पारित होने पर बधाई, जो कृषि क्षेत्र के संपूर्ण परिवर्तन के साथ-साथ करोड़ों किसानों को सशक्त बनाएंगे।। पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी।

MSP खत्म करने की झूठी अफवाहें

कांग्रेस और दूसरे विरोधी दल देश के किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं कि कृषि सुधार विधेयकों के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था खत्म करने की तैयारी है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बार बार कर चुके हैं कि देशभर में MSP की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा,” मैं देश के प्रत्येक किसान को इस बात का भरोसा देता हूं कि MSP की व्यवस्था जैसे पहले चली आ रही थी, वैसे ही चलती रहेगी। इसी तरह हर सीजन में सरकारी खरीद के लिए जिस तरह अभियान चलाया जाता है, वह भी पहले की तरह चलता रहेगा।”

किसानों के कल्याण के लिए लाया गया कृषि सुधार विधेयकों को कांग्रेस और दूसरी पार्टियां भले विरोध कर रही हैं लेकिन हकीकत यह है कि कांग्रेस खुद इसका समर्थक रही है और उसने अपने घोषणा पत्र में भी कृषि सुधार करने की बात कही थीं।

किसानों के लिए प्रतिबद्ध मोदी सरकार

  • 2009-10 में यूपीए के समय कृषि बजट 12 हजार करोड़ को बढ़ाकर पीएम मोदी ने एक लाख 34 हजार करोड़ किया
  • प्रधानमंत्री सम्मान किसान निधि योजना के माध्यम से आज तक 92,000 करोड़ किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर
  • किसानों की सहायता के लिए मोदी सरकार द्वारा 10,000 नये FPO पर 6,850 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं
  • कोविड संकट से निपटने के लिए आत्मनिर्भर पैकेज के तहत कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ की घोषणा की गई
  •  पहले किसानों को 8 लाख करोड़ लोन के बदले अब मोदी सरकार में 15 लाख करोड़ रुपये लोन की व्यवस्था
  •  पीएम मोदी ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू कर उत्पादन लागत पर MSP को बढ़ाकर डेढ़ गुणा किया
  •  पीएम किसान मान-धन के तहत किसानों को 60 वर्ष की आयु होने पर न्यूनतम 3000 रुपये/माह पेंशन का प्रावधान

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