विश्व
पुष्टि - 33,306,022
मृत्यु - 1,002,389
ठीक- 24,637,458
भारत
पुष्टि - 6,074,702
मृत्यु - 95,574
ठीक- 5,016,520
रूस
पुष्टि - 1,151,438
मृत्यु - 20,324
ठीक- 943,218
पेरू
पुष्टि - 805,302
मृत्यु - 32,262
ठीक- 664,490
ब्राज़िल
पुष्टि - 4,732,309
मृत्यु - 141,776
ठीक- 4,060,088
अमेरिका
पुष्टि - 7,321,343
मृत्यु - 209,453
ठीक- 4,560,456

आतंकियों के साथ गिरफ्तार DSP देविंदर का वीरता पदक हो सकता है वापस, रसूख का गलत इस्तेमाल कर पहुंचता था मदद

नई दिल्ली। आतंकी नविद बाबा के साथ गिरफ्तार किए गए जम्मू-कश्मीर पुलिस के DSP देविंदर सिंह का वीरता पदक वापस लिया जा सकता है। गृह मंत्रालय को देविंदर सिंह मामले की पूरी जानकारी मिली है। मंत्रालय ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाने और मामले की तह तक जाने का निर्देश एजेंसियों को दिया है।

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि पदक वापस लेना सामान्य प्रक्रिया है। ऐसे मामलों में बहुत ही सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। अगर देविंदर सिंह दोषी है तो उसके साथ आतंकियों की तरह ही कार्रवाई होगी। सूत्रों ने कहा कि IB, रॉ और सेना की खुफिया टीमें देविंदर से पूछताछ कर रही है। NIA भी भी देविंदर सिंह और आतंकी नवीद को हिरासत में लेगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक हुई जांच में पता चला है कि देविंदर पिछले कई सालों आतंकवादियों को ठिकाना मुहैया करा रहा था। वह इसके बदले मोटी रकम लेता था। सूत्रों ने कहा कि देविंदर अपनी पहुंच और विश्वसनीयता का गलत इस्तेमाल कर रहा था। उसने अपने रसूख का गलत इस्तेमाल कर आतंकियों को मदद पहुंचाई। एजेंसियां उसकी संपत्ति की भी जांच करेंगी।

देविंदर हिजबुल आतंकी नविद और आसिफ अहमद को कुछ महीनों के लिए ठिकाना मुहैया करवाने के लिए चंडीगढ़ ले जा रहा था। जिस वक्त सिंह को गिरफ्तार किया गया तब एक संदिग्ध आतंकी इरफान अहमद मीर गाड़ी चला रहा था। उसे पुलिस ने कुलगाम जिले में हाईवे पर रोका था।

इरफान अहमद मीर पांच बार पाकिस्तान जा चुका था और पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या देंविदर और मीर मिलकर आतंकियों को वापस जाने या किसी बड़े हमले की साजिश तो नहीं रच रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ सालों से सिंह आतंकियों को जम्मू में सर्दियों के मौसम में ठिकाना मुहैया कराता था।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.