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JNU के लिए सरकार उठाये बड़ा कदम, दो साल के लिए बंद कर नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस दे को : BJP नेता स्वामी

नई दिल्ली। वरिष्ठ BJP नेता तथा राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को एक बार फिर नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) को बंद करने का सुझाव दिया है।

श्री स्वामी ने अहमदाबाद के थलतेज में एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा कि सरकार को JNU को लेकर बड़ा कदम उठाना चाहिए। इसकी सफाई के लिए इसे कम से कम दो साल के लिए बंद कर देना चाहिए और जब यह शुरू हो तो इसका नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बंद करने से पहले अच्छे छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय या अन्य में स्थानांतरित कर देना चाहिए तथा हुल्लड़बाजों को बाहर कर देना चाहिए। स्वामी ने कहा कि नेहरू के नाम पर पहले से ही कई संस्थान है इसलिए JNU का नाम बदल दिया जाना चाहिए। स्वामी ने दावा किया कि JNU तथा अन्यत्र हो रहे नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के हिंसक विरोध के पीछे आतंकी और विदेशी तत्वों का हाथ भी है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के तीन प्राध्यापकों ने विश्वविद्यालय परिसर में पांच जनवरी को हुए हमले के मामले में डेटा, CCTV फुटेज और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में शुक्रवार को याचिका दायर की। याचिका में व्हाट्सऐप इंक, गूगल इंक और एप्पल इंक को JNU हमला मामले में व्हाट्सऐप ग्रुप्स ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट और ‘फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस से जुड़े सभी डेटा को सुरक्षित रखने अथवा वापस एकत्र करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। डेटा में संदेश, तस्वीरें, वीडियो और सदस्यों के फोन नंबर आदि शामिल हैं। जेएनयू के प्राध्याक अमित परमेश्वरन, अतुल सूद और शुक्ला विनायक सावंत की ओर से दायर याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली सरकार को आवश्यक निर्देश देने की मांग की गई है।

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