कोविड वेरिएंट पर टिप्पणी से फंसे शशि थरूर, बीजेपी सांसद ने स्पीकर को लिखा पत्र, कहा- संसद के अयोग्य

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Shashi-Tharoor

नई दिल्ली। शशि थरूर एक बार फिर से आरोपों के घेरे में हैं। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के सांसद निशिकांत दूबे ने थरूर पर आरोप लगाते हुए लोकसभी स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखा है। दूबे ने कोरोना वायरस के वेरिएंट बी.1.617 को भारतीय वेरिएंट कहने को लेकर शशि थरूर पर निशाना साधा है और उन्हें लोकसभा के अयोग्य बताया है।

दूबे ने पत्र में आगे लिखा है कि यह मेरी समझ से परे है कि एक भारतीय सांसद ऐसी भाषा का प्रयोग क्यों करेगा जो भारतीयों के प्रति अवैज्ञानिक और अपमानजनक है। जब भारत सरकार ने इस शब्द के प्रयोग को हटाने के लिए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को पहले ही लिख दिया है, तो यह शर्मनाक है कि हमारी सम्मानित लोकसभा का एक सदस्य देश और उसके लोगों को शर्मसार करने के लिए इस तरह के विचार का उपयोग करता है।”

दूबे ने कहा है है शशि थरूर पर अपने राजातिक आकाओं को खुश करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शशि थरूर देश के बजाय और पार्टी और राहुल गांधी के एजेंडा को लेकर ज्यादा चिंतिंत हैं।

बीजेपी सांसद ने लिखा “इस तरह के हानिप्रद तत्वों को हमारी संसदीय समिति के अध्यक्ष के रूप में हमारी संसद में बने रहने की अनुमति देना हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति है।

दूबे ने कहा कि हाल ही में “ट्विटर टूलकिट विवाद पर वह (थरूर) सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांग रहे हैं जबकि ट्विटर की कार्रवाई इस देश के आईटी कानून के खिलाफ है। शशि थरूर अपनी पार्टी और उनके गॉड फादर, जो विदेशों में बैठे हुए हैं, के इशारे पर सरकार और राष्ट्र के खिलाफ ट्विटर कार्रवाई में मदद कर रहे हैं।”

पिछले दिनों बीजेपी नेताओं की कांग्रेस की कथित टूलकिट को शेयर करने पर विवाद खड़ा हो गया था। इस टूलकिट में कोविड-19 के खिलाफ जंग में फेल होने को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा गया था। इस कथित टूलकिट को बीजेपी नेता संबित पात्रा ने शेयर करते हुए कांग्रेस से सवाल पूछा था। जिसके बाद कांग्रेस ने टूलकिट को फर्जी बताते हुए ट्विटर से शिकायत की थी। बाद में ट्विटर ने इस ट्वीट पर मैनुपुलेटेड मीडिया लिख दिया था।

मैनुपुलेटेड मीडिया लिखने पर सरकार ने ट्विटर से इसे हटाने के लिए कहा था। यही नहीं एक दिन पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम ट्विटर ऑफिस पर उसे नोटिस देने भी पहुंची थी।

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