महाकाल के आंगन में सबसे पहले जली होलिका, आज बरसेंगे परंपरा के रंग

नई दिल्ली।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को सबसे पहले होली मनाई गई। संध्या आरती में भगवान महाकाल को शकर से बनी माला पहनाई गई। इसके बाद हर्बल गुलाल अर्पित कर आरती की गई।आरती के बाद पुजारियों ने परिसर में होलिका का पूजन कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दहन किया। मंगलवार को तड़के चार बजे भस्म आरती में परंपरा के रंग बरसेंगे। पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे।

आरती में भगवान को गुलाल अर्पित

ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में धुलेंडी के दिन सभी पांच आरती में भगवान को गुलाल अर्पित किया जाता है। मंदिर प्रशासन ने होली उत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाने की अपील की है। राजसी रंग में हुड़दंग का खलल ना पड़े इसलिए मंदिर में पुजारी, पुरोहित उनके सेवक तथा भक्तों के होली खेलने पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी दर्शनार्थी मंदिर में रंग, गुलाल, प्रेशर गन, रंग के सिलेंडर आदि लेकर नहीं जा पाएगा। श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वारों पर पुलिस की कड़ी जांच से गुजरना होगा।

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