जिला न्यायालय परिसर कोण्डागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 43407 प्रकरण में सुलह समाधान से राशि 2,57,23,206 रूपये का अवार्ड पारित
रायपुर।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसका माननीय न्यायामूर्ति रमेश सिन्हा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा वर्चुवल माध्यम से नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। उसके पश्चात् न्यायालय परिसर कोण्डागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत का माननीय खिलावन राम रिगरी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात नेशनल लोक अदालत में रखे गये लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गए। जिला न्यायालय कोण्डागांव के न्यायालयों में 03 खण्डपीठ, तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल के न्यायालय में 01 खण्डपीठ तथा तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर के न्यायालय में 02 खण्डपीठ एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु राजस्व न्यायालय कोण्डागांव एवं नारायणपुर में 01-01 खण्डपीठ, कुल-08 खण्डपीठ का गठन कर नेशनल लोक अदालत दिनांक 09 मई 2026 का आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त न्यायालयों द्वारा राजीनामा योग्य मामलों को आपसी राजीनामा से एवं समरी प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं नगरपालिका, विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, बीमा कंपनी एवं समस्त बैंकों द्वारा प्रीलिटीगेशन मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया।
कोण्डागांव, केशकाल एवं नारायणपुर न्यायालय में आपराधिक प्रकरण कुल 04 प्रकरण निराकृत हुए, चेक बाउंस के कुल प्रकरण 05 निराकृत हुए जिसमें कुल 7,33,348 रुपए प्राप्त हुए। बैंक रिकवरी के कुल 1237 प्रकरण निराकरण हुए जिसमें कुल राशि रूपये 35,000/- अवार्ड प्राप्त हुआ। ऋण वसूली के कुल प्रकरण 251 निराकृत हुए। मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण 18 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 2,05,15,000/- प्राप्त हुआ। ट्रॉफिक चालान के कुल प्रकरण 1615 निराकृत्त हुए जिसमें कुल राशि रूपये 1,78,200/- प्राप्त हुआ। राजस्व प्रकरण के कुल प्रकरण 37331 निराकृत हुए। बिजली बिल के कुल प्रकरण 1953 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 3,13,677/- अवार्ड प्राप्त हुआ। नगर पालिका कोण्डागांव एवं नारायणपुर के कुल 853 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 5,87,340/-प्राप्त हुआ, वही दूरसंचार के कुल प्रकरण 100 निराकृत हुए। पारिवारिक विवाद के कुल 02 प्रकरण निराकृत हुए। मध्यस्थता के कुल 7 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 32,19,641/- प्राप्त हुआ। सिविल के कुल प्रकरण 01 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 1,40,000/- प्राप्त हुआ। तथा अन्य मामलों के कुल 30 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 1000/- प्राप्त हुआ।
इस प्रकार समस्त न्यायालयों द्वारा / राजस्व न्यायालय के माध्यम से कुल 43,407 प्रकरण का निराकरण किया गया जिसमें आपराधिक प्रकरण का समन शुल्क एवं सिविल प्रकरण का कुल राशि 2,57,23,206/- रूपये का अवार्ड पारित किया गया।उपरोक्त सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी, सदस्यगण, अधिवक्तागण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगणों के उपस्थिति व सहयोग से उपरोक्त सफलता प्राप्त की जा सकी। साथ ही जिला चिकित्सालय कोण्डागांव की टीम के द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें दूर दराज से आये पक्षकारगण का स्वास्थ्य संबंधी समस्या के संबंध में बी.पी, सूगर जांच करके दवाईयों का वितरण किया गया। साथ ही अधिकार मित्रों के द्वारा पक्षकारों को शॉट विडियो दिखाकर प्रचार-प्रसार भी किया गया।इसी दौरान सभी खण्डपीठों के न्यायाधीश महोदयों ने प्रकरणों में समाधान प्राप्त करने वालों पक्षकारों को काजू, जामुन, आंवला, निबू इत्यादि पौधा भेंट कर सम्मानति किया गया। इस पहल का उद्देाश्य न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहित करना था। इस पहलों के माध्यम से न्यायपालिका ने न केवल विवादों का समाधान किया बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भी निर्वहन किया।

