सुकमा के दूरस्थ गांवों में दौड़ी ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस’

रायपुर।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशानुरूप वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार और कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के आकांक्षी विकासखंड कोंटा में विकास की नई तस्वीर उभर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना’ के अंतर्गत वाहनों का संचालन शुरू किया गया है। इससे ग्रामीणों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा मिल रही है।

दूरस्थ गांवों को मिली बेहतर परिवहन सुविधा
जिला प्रशासन द्वारा संचालित 4 आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस वाहन उन दुर्गम क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आए हैं, जहां पहले आवागमन के साधन उपलब्ध नहीं थे। इन वाहनों से अब चिंतलनार, नागाराम, केरलापेंदा, ताड़मेटला, दोरनापाल, एर्राबोर, ट्रेटराई, अरगट्टा, बोडडीगुड़ा, ढोंढरा, एलनमडगु, भेज्जी, गोरखा, कोत्ताचेरू, ऐटेगट्टा, इंजरम, कोंटा और मराईगुड़ा जैसे गांवों के लोगों का सफर आसान हो गया है।

समय और धन दोनों की हो रही बचत
अब ग्रामीणों को अपने गांव से विकासखंड मुख्यालय और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। इस सेवा से उनका समय और पैसा दोनों बच रहा है। सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।

बिहान दीदियों को मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इन वाहनों का संचालन बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
वाहनों के संचालन की जिम्मेदारी मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वे परिवार की आय में योगदान देने के साथ समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इस पहल ने उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अवसर दिए हैं।

ग्रामीणों ने जताया प्रशासन के प्रति आभार
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जहां पहुंचना पहले बेहद कठिन था, वहां अब ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस’ ने सुविधाजनक रास्ता खोल दिया है, जिससे आवागमन आसान होगा है स

विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे दूरस्थ क्षेत्र

यह योजना साबित कर रही है कि सही योजना और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सकता है। ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस’ सुकमा के दूरस्थ अंचलों में विकास और खुशहाली की नई रफ्तार बनकर दौड़ रही है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.