कॉमेडियन भारती और उनके पति हर्ष को NCB ने हिरासत में लिया, घर से बरामद हुआ नशीला पदार्थ

मुंबई। बॉलीवुड ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अब कॉमेडियन भारती सिंह के मुंबई स्थित घर पर रेड मारी है। और उनके घर से गांजा बरामद हुआ है। घर में सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद एनसीबी भारती और उनके पति हर्ष को अपने साथ ऑफिस लेकर गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मुम्बई जोनल यूनिट ने कॉमेडियन एक्ट्रेस भारती सिंह और उनके पति हर्ष के घर पर छापेमारी की। पुलिस ने कपल को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए ड्रग्स पैडलर की निशानदेही पर भारती सिंह और हर्ष लिंबचिया के घर पर छापेमारी की। NCB को छापेमारी के दौरान संदिग्ध पदार्थ(गांजा) मिला है। हालांकि ये पता नहीं चल सका है कि जो नशीला पदार्थ मिला है उसकी मात्रा कितनी है।

ज्ञात हो कि हाल ही में एक्टर अर्जुन रामपाल से भी एनसीबी ने लंबी पूछताछ की थी और उनके घर पर छापेमारी की थी। उनके यहां छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और टैबलेट जैसे इलेक्ट्रानिक गैजेट को जब्त किया था और अर्जुन के ड्राइवर से भी पूछताछ की थी।

भारती सिंह की कॉमेडी के लोग दिवाने हैं। इस समय वे द कपिल शर्मा शो का हिस्सा हैं। भारती के घर पर छापेमारी की खबर उनके फैन्स को जरूर निराश करेगी। हालांकि अभी इस मामले पर और भी डिटेल्स आनी बाकी हैं।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में NCB द्वारा इनवेस्टिगेशन शुरू होने पर सबसे पहले रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती को एनसीबी ने हिरासत में लिया।करीब एक महीने के बाद रिया बाहर आईं। उनके अलावा दीपिका पादुकोण, राकुल प्रीत सिंह और सारा अली खान से पूछताछ की थी।

DUPU के दीक्षांत समारोह में बोले प्रधानमंत्री मोदी, Sense of Responsibility है सफलता की सबसे बड़ी कुंजी

न्यूज़ डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का जो युवा है, उसको एक क्लीन स्लेट के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि आप देखिए जीवन में वही लोग सफल होते हैं, वही लोग कुछ कर दिखाते है, जिनके जीवन में सेंस ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी का भाव होता है।

पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में विफल वो होते है जो सेंस ऑफ बर्डन में जीते है। सेंस ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी(Sense of Responsibility) का भाव व्यक्ति के जीवन में सेंस ऑफ अपरच्यूनिटी को भी जन्म देता है। सेंस ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी और पर्पस ऑफ लाइफ दो ऐसी पटरियां हैं, जिनपर आपके संकल्पों की गाड़ी बहुत तेजी से दौड़ सकती है। जीवन में अपने भीतर एक सेंस ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी को जरूर बनाए रखिए।

उन्होंने कहा, “इच्छाओं के अंबार से संकल्प की शक्ति अपरंपार होती है। करने के लिए बहुत कुछ है, देश लिए पाने को बहुत कुछ है, पर आपके लक्ष्य टुकड़ों में बिखरे नहीं होने चाहिए। आप कमिटमेंट के साथ आगे बढ़ेंगे तो अपने भीतर ऊर्जा का भंडार महसूस करेंगे।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की जो पीढ़ी है, 21वीं सदी का जो युवा हैं, उनको एक क्लीन स्लेट के साथ आगे बढ़ना होगा। कुछ लोगों के मन में ये जो पत्थर की लकीर बनी हुई है, कि कुछ बदलेगा नहीं, उस लकीर को क्लीन करना होगा। उन्होंने कहा कि क्लीन हार्ट का मतलब है साफ नीयत।

श्री मोदी ने कहा कि क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि 1920 में युवा क्या चाहते थे? उनकी महत्वाकांक्षाएं क्या थीं? सभी ने केवल स्वतंत्रता का सपना देखा और अपने सपनों को दांव पर लगा दिया। 1920-1947 के बीच के युवाओं ने अपने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व दे दिया था। मैं चाहता हूं कि आप सभी उनसे प्रेरणा लें।

विश्वविद्यालय के छात्रों से प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ऐसे समय में ग्रेजुएट होना, जब दुनिया इतने बड़े संकट से जूझ रही है, यह कोई आसान बात नहीं है। लेकिन आपकी क्षमताएं इन चुनौतियों से कहीं ज्यादा बड़ी हैं। प्रोबल्म्स क्या हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि आपका पर्पस क्या है, आपकी प्रिफरेंस क्या है और आपका प्लान क्या है?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आप अपनी स्किल, अपने टैलेंट, अपने प्रोफेशनलिज्म से आत्मनिर्भर भारत की बड़ी ताकत बनके उभरेंगे। आज आप ऐसे समय में इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं, जब महामारी के चलते पूरी दुनिया के एनर्जी सेक्टर में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आज भारत में एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ की, उद्यमिता की, रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।मुझे ये देखकर खुशी होती है कि ये विश्वविद्यालय आज पूरे विश्व में अपनी पहचान बना रहा है।

प्रोटोकॉल तोड़कर समर्थकों के साथ चेन्नई की सड़क पर उतरे गृह मंत्री अमित शाह, दोनों छोर पर मौजूद अन्नाद्रमुक एवं भाजपा कार्यकतार्ओं ने किया भव्य स्वागत

चेन्नई। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को यहां लोगों को आश्चर्यचकित करते हुए अपने समर्थकों का अभिवादन करने के लिए प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए अपने वाहन से बाहर निकले और हवाई अड्डे के बाहर व्यस्त GST रोड पर पैदल चलने लगे। शाह शहर की दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे है। उन्होंने महानगर के लोगों को उनके प्यार के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनके लिए तमिलनाडु में होना बड़ी बात है। शाह को दिन में तमिलनाडु सरकार के एक कार्यक्रम में भाग लेना है जहां वह चेन्नई मेट्रो रेल के दूसरे चरण समेत 67 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंग और आधारशिला रखेंगे।

दिल्ली से पहुंचने के तुरन्त बाद शाह की अगवानी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी, उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम, मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एल मुरुगन और अन्य लोगों ने की। हवाई अड्डे से बाहर निकलने के बाद शाह की कार अचानक रूकी और वह भाजपा और अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं का अभिवादन करने के लिए कुछ दूर पैदल चले।

राज्य के मुख्य सचिव के शंमुगम, पुलिस महानिदेशक जे के त्रिपाठी, चेन्नई के पुलिस आयुकत महेश कुमार अग्रवाल तथा अन्य अधिकारी भी शाह की इस दौरान मौजूद थे। शाह का हवाईअड्डा से लेकर सड़क के दोनों किनारों पर मौजूद अन्नाद्रमुक एवं भाजपा कार्यकतार्ओं ने भव्य स्वागत किया। इससे अभीभूत हो अमित शाह उनके अभिवादन को स्वाकार करने के लिए अपने वाहन से उतर कर काफी दूर तक पैदल भी चले।

शाह के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये है। दौरे के दौरान उनके अगले साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित तमिलनाडु विधानसभा चुनावों पर राज्य भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक करने की संभावना है। इस बीच शाह ने ट्वीट कर प्यार और समर्थन के लिए शहर का धन्यवाद किया। उन्होंने CST रोड पर पदयात्रा की वीडियो क्लिप के साथ एक ट्वीट में कहा कि तमिलनाडु में होना हमेशा शानदार रहा है। इस प्यार और समर्थन के लिए चेन्नई को धन्यवाद।

IAS थी तो तलाक़ कर पायी, आम हिंदू लड़कियां तो बेचारी सूटकेस में मिलती हैं। लव जिहाद से सावधान रहो !

न्यूज़ डेस्क। इन दिनों उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा लेव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने के लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच सिविल सर्विस परीक्षा की टॉपर रही IAS टीना डाबी और उनके पति IAS अतहर आमिर के तलाक की खबर सुर्खियों में आ गई हैं। टीना डाबी और उनके पति ने जयपुर के फैमिली कोर्ट-1 में म्यूचअल तौर पर तलाक की अर्जी दायर कर दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियां देखने को मिल रही है। लोगों सोशल मिडिया प्रतिक्रिया दी, टिप्पणी की है, कि टीना डाबी IAS थी तो तलाक़ कर पायी, लेकिन आम हिंदू लड़कियां तो बेचारी सूटकेस में मिलती हैं।

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गौरतलब है कि वर्तमान में टीना डाबी वित्त (कर) विभाग जयपुर में संयुक्त सचिव और आमिर CEO EGS के पद पर कार्यरत हैं। अभी कुछ दिन पहले टीना के फैंस ने नोटिस किया कि उन्होंने अपने अकाउंट से न केवल ‘कश्मीरी बहू’ का टैग हटाया है, बल्कि उसके साथ-साथ अपने पति को भी ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया है। इंस्टास्टोरी पर भी जय श्रीराम लिखते हुए हनुमान चालीसा की चौपाई- “सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहु को डरना। जय श्रीराम” लिखी थी।

तलाक की अर्जी डालने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ा और यह कदम उठाने के लिए टीना की सराहना की। 2018 में दोनों की शादी काफी चर्चित रही थी। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2015 की टॉपर रही टीना ने अप्रैल 2018 में अतहर से शादी की थी। कश्मीर के अतहर ने UPSC परीक्षा 2015 में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। टीना और अतहर दोनों राजस्थान कैडर के अधिकारी हैं। कहा जाता है कि दोनों की नजदीकियां ट्रेनिंग के दौरान बढ़ी थींं।

राष्ट्रवाद को ‘जहर’ बताने वाले हामिद अंसारी ने फिर कहा- कोरोना से पहले देश धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद की महामारी का शिकार हो चुका है

न्यूज़ डेस्क। उपराष्ट्रपति पद से विदाई के बाद से हामिद अंसारी लगातार अपने बयानों के कारण विवादों में बने हुए हैं। राष्ट्रवाद को ‘जहर’ बताना हो या अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर का मामला हो, तीन तलाक के कानून का विरोध हो या देश के हर जिले में शरिया अदालतें स्थापित करने का ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड का प्रस्ताव हो, सभी मामलों में हामिद अंसारी ने विवादित बयान दिया है। इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद को बीमारी बताया और कहा कि कोरोना से पहले ही देश ‘दो महामारी’ का शिकार हो चुका है।

शुक्रवार यानि 20 नवंबर, 2020 को हामिद अंसारी ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की किताब ‘The Battle of Belonging’ के डिजिटल विमोचन के मौके पर कहा कि देश कोरोना से पहले ही दो महामारी का शिकार हो चुका है। ये हैं- धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद। अंसारी के मुताबिक इनके मुकाबले देशप्रेम अधिक सकारात्मक अवधारणा है, क्योंकि यह सैन्य और सांस्कृतिक रूप से रक्षात्मक है।

अंसारी ने देश के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश ऐसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विचारधाराओं की वजह से ख़तरे में नज़र आ रहा है जो उसे ‘हम और वह’ की श्रेणी में विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने ने कहा, “4 वर्षों की छोटी अवधि में भारत ने उदार राष्ट्रवाद के बुनियादी दृष्टिकोण से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की राजनीतिक छवि निर्मित करने तक एक लंबी यात्रा तय की है, जो सार्वजनिक क्षेत्र में पूर्णतः स्थापित हो चुकी है।”

हामिद अंसारी ने कहा कि धार्मिक अवधारणा को धर्म के आधार पर किए जाने वाले ढोंग के रूप में परिभाषित किया जा रहा है और आक्रामक राष्ट्रवाद के बारे में पहले ही बहुत कुछ लिखा जा चुका है। यह विचारधारा के लिहाज़ से ‘जहर’ जैसा है जो किसी संकोच के बिना लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों पर अतिक्रमण करता है और अधिकारों को क्षीण करता है। हामिद अंसारी के मुताबिक आक्रामक राष्ट्रवाद कई बार नफ़रत का रूप ले लेता है और एक ऐसी घुट्टी के रूप में काम करता है जो प्रतिशोध के लिए उकसाता है।

विवादों में रहे हैं हामिद अंसारी

पूर्व उपराष्ट्रपति का यह बयान कोई हैरान करने वाला नहीं है। इससे पहले भी उदारता और छद्म धर्मनिरपेक्षता की आड़ में मुस्लिम परस्त और देश विरोधी बयान देते रहे हैं। जिनसे उनके वास्तविक चरित्र का परिचय मिलता है। जब बालाकोट एयर स्ट्राइक हुआ तब हामिद अंसारी ने सबूत मांग जाने का समर्थन किया। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि देश के लोगों को बालाकोट एयरस्ट्राइक पर सवाल उठाने का पूरा हक है। अब देश के बाहर विश्व स्तर पर इतने सारे साक्ष्य उपलब्ध हैं कि आप सच को छिपा नहीं सकते। यह पूछे जाने पर कि ऐसी चर्चा है कि भारत ने पाकिस्तान के एफ-16 विमान को ढेर नहीं किया तो उन्होंने कहा कि अगर मैं कह दूं कि मैंने किसी शेर को मारा है तो मुझे उस शेर को दिखाना भी होगा।

एक पहाड़ी ऐसी , जहां सिर्फ पत्थर फेंकने से पता चल जाता है गर्भ में लड़का है या लड़की

न्यूज़ डेस्क। तेजी से बदलते दौर में लड़का और लड़की में फर्क कम हो गया है। अब लड़कियां लड़कों से किसी भी मामले में पीछे नहीं है। इसके बाद भी कुछ लोग सिर्फ लड़के की चाहत रखते हैं। सामान्य तौर पर गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग का पता करने के लिए सोनोग्राफी का सहारा लिया जाता है, लेकिन ये कानूनी तौर पर अपराध है। तकनीक तेजी से विकास कर रही है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि झारखंड में एक ऐसा इलाका है जहां आज भी प्राचीन परंपरा निभाई जाती है और परंपरा भी ऐसी हैं कि इसके बारे में सुनकर आप दातों चले उंगली चबाने पर मजबूर हो जाएंगे। झारखंड के लोहरदगा स्थित खुखरा गांव में एक ऐसी भी पहाड़ी है जो गर्भ में पल रहे नवजात की जानकारी दे देती है कि वह लड़का है या लड़की।

स्थानीय लोग भी इस पहाड़ी को लेकर खासे प्रभावित हैं। लोगों का कहना है कि बिना पैसे खर्च किए हम आसानी से पता लगा लेते हैं कि किसी के गर्भ में क्या है। यह रिवाज यह रिवाज यहां 400 साल पहले नागवंशी राजाओं ने शुरू किया था। इसके बाद से ही यह परंपरा चली आ रही है। स्थानीय लोगों में इस पर्वत को लेकर काफी मान्यता है। लोगों का कहना है कि पुरानी परंपरा को निभाया जा रहा है। अगर किसी को इतनी आसानी से गर्भ का पता चल जाता है तो इसमें क्या बुराई। लोगों का कहना है कि पहाड़ी के ऊपर एक चांद के आकार की आकृति बनी हुई है। यही नवजात शिशु के लिंग की जानकारी देती है। लोगों का कहना है कि इस पहाड़ी पर लोग पत्थर मारकर जांच करते हैं कि गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की।

ऐसे चलता है पता
लोग गर्भ में पल रहे भ्रूष का पता लगाने के लिए गर्भवती महिला को एक निश्चित दूरी पर खड़ा कर पहाड़ी पर बने चांद को पत्थर मारने को कहते हैं। अगर पत्थर चंद्रमा के आकार के ठीक बीच में जाकर लगा तो यह समझा जाता है कि गर्भ में लड़का है और अगर वह पत्थर चंद्रमा के बाहर लगे तो माना जाता है कि गर्भ में पल रही नवजात लड़की है।

सोनिया गांधी पहुंची गोवा, साइकल चलाते फोटो वायरल

नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण के हालात गंभीर होने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सीने में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की सलाह पर शुक्रवार को कुछ दिनों के लिए गोवा पहुंच गईं। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि 73 वर्षीय सोनिया गांधी के साथ उनके पुत्र और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी गोवा गए हैं।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘सोनिया जी को अस्थमा की दिक्कत है और उनके सीने में संक्रमण भी है। ऐसे में चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए दिल्ली से दूर रहने की सलाह दी थी। दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार होने के साथ ही वह वापस लौट आएंगी।’’

सूत्रों का कहना है कि गत अगस्त महीने में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद से सोनिया गांधी चिकित्सकों की निगरानी में हैं और चिकित्सक उनके सीने में सक्रमण के लगातार बने रहने से चिंतित हैं। खासकर उनकी चिंता इस बात को लेकर थी कि दिल्ली में वायु प्रदषण की मौजूदा स्थिति उनकी सेहत के प्रतिकूल है।

सोनिया गांधी ऐसे समय दिल्ली से बाहर गई हैं, जब बिहार चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर से ही आत्मचिंतन की मांग उठ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष 30 जुलाई को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हुईं थीं, जहां से कुछ दिनों बाद उन्हें छुट्टी मिली थी। फिर 12 सितंबर को वह अपनी नियमित चिकित्सकीय जांच के लिए विदेश गईं थीं और उनके साथ पुत्र राहुल गांधी भी गए थे। इस कारण दोनों संसद के मानसून सत्र में शामिल नहीं हो सके थे।

जिस ट्रक में छिपे थे आतंकी उस पर लिखा था- मौत का कोई समय नहीं होता, मुठभेड़ में सभी मारे गए

न्यूज़ डेस्क। जम्मू जिले के बन टोल प्लाजा पर मारे गए चारों आतंकियों ही नहीं, ट्रक पर लिखे शब्दों की भी अलग कहानी है। ट्रक में छिपे आतंकियों को पता था कि उनकी मौत तय है। जिस ट्रक में आतंकी छिपे थे उसके बंपर पर लिखा था- डैथ कीप्स नो कलैंडर। यह शब्द बड़े अक्षरों में लाल पेंट से लिखे थे। इसका मतलब है- मौत का कोई वक्त नहीं होता। यह कहां, कब और किस जगह आ जाए इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं होती। इस स्लोगन को लिखे पेंट को देखकर लगता है कि यह हाल ही में लिखवाया गया था।

जम्मू के नगरोटा के पास बन टोल प्लाजा पर गुरुवार की सुबह चार आतंकियों को मार गिराया था। ये चारों आतंकी एक ट्रक में छिपकर कश्मीर जा रहे थे। इनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद मिला है। ट्रक चालक फरार है। यह ट्रक कश्मीर में फारूक अहमद तांत्रे के नाम से पंजीकृत है। ऐसा भी माना जा रहा है कि “डैथ कीप्स नो कलैंडर” स्लोगन इसलिए भी लिखाया गया ताकि आतंकी ट्रक को आसानी से पहचान लें। सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकियों के लिए कोड वर्ड के रूप में भी मान रही हैं। ऐसा भी हो सकता है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के हैंडलरों ने कश्मीर में सक्रिय ओवरग्राउंड वर्करों से कहकर यह नारा कोड वर्ड में लिखाया हो।

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि चारों आतंकियों ने कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर और सांबा सेक्टर से गुरुवार रात को घुसपैठ की थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि चारों आतंकी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगता पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक में बैठे हों। इस ट्रक की पहचान आतंकियों ने ट्रक के बंपर में लिखे डैथ कीप्स नो कलैंडर और ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर को देखकर की हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश सचिव और खुफिया प्रतिष्ठानों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें चार सशस्त्र संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी थे। खुफिया सूत्रों से पता चला है कि आतंकवादी मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले की बरसी पर देश में बड़े पैमाने पर हमले की योजना बना रहे हैं। PM मोदी ने कहा कि हथियारों की बड़ी मात्रा में मौजूदगी बताती है कि हमारे सुरक्षा बलों ने एक बार फिर देश पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक अभ्यासों को लक्षित करने के लिए एक नापाक साजिश को हराने में उनकी सतर्कता के लिए सुरक्षा बलों को भी धन्यवाद दिया।

अतहर खान से शादी करने वाली टीना डाबी ने दी तलाक की अर्जी, वायरल हुआ राहुल गांधी का पुराना ट्वीट

न्यूज़ डेस्क। मुस्लिम युवक अतहर खान से शादी करने वाली IAS टॉपर टीना डाबी ने अब तलाक के लिए अर्जी दायर की है, टीना डाबी ने अपने बैच के IAS अतहर आमिर के साथ शादी की थी। IAS टॉपर टीना डाबी और उनके पति अतहर आमिर ने जयपुर के फैमिली कोर्ट-1 में म्यूचअल तौर पर तलाक की अर्जी दायर कर दी है।

टीना डाबी और अतहर खान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है, टीना डाबी ने अतहर खान से अलग होनें की अर्जी ऐसे समय में दाखिल की है जब देश में लव-जिहाद के मुद्दे पर बहस छिड़ी है, इन सबके बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का एक पुराना ट्वीट वायरल हो रहा है, ट्वीट में राहुल गाँधी ने न सिर्फ दोनों को शादी की बधाई दी थी बल्कि इसे हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल बताया था। लेकिन ये मिसाल 2 साल के अंदर ही ध्वस्त हो गई।

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा था कि टीना डाबी और अतहर आमिर- उल- शफी, आईएएस टॉपर-बैच 2015, आपको शादी की बधाई। आपका प्यार हमेशा मजबूत होता रहे और बढ़ रही असहिष्णुता और सांप्रदायिक द्वेष के दौर में आप सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा बनें।

वैसे टीना डाबी और अतहर खान कोई अनोखे जोड़े नहीं थे, ऐसी शादियां होती रहती हैं लेकिन राहुल गांधी ने बधाई देकर किसी समुदाय विशेष को खुश करके वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश की, अब ट्विटर पर राहुल गांधी की खूब खिंचाई हो रही है।

ट्विटर यूजर दीक्षा पांडेय ने लिखा, जिस “टीना डाबी” ने आज “जेहादी अतहर” आमिर खान के खिलाफ तलाक की अर्जी दायर की, उसे “राहुल गांधी” 10 अप्रैल 2018″ को “हिन्दू मुस्लिम” एकता की मिसाल बता रहे थे, अतहर ने “चार लात मार” कर हिन्दू मुस्लिम एकता सबके सामने रख दी।

गौरतलब है कि अर्ज़ी में कहा गया है कि हम आगे साथ नहीं रह सकते. ऐसे में कोर्ट हमारी शादी को शून्य घोषित करें। मालूम हो कि दोनों 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में टीना वित्त विभाग में संयुक्त सचिव और आमिर सीईओ ईजीएस के पद पर कार्यरत हैं। 2018 में दोनों की शादी काफी चर्चित रही थी।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2015 की टॉपर रही टीना ने अप्रैल 2018 में अतहर से शादी की थी। कश्मीर के अतहर ने UPSC परीक्षा 2015 में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। टीना और अतहर दोनों राजस्थान कैडर के अधिकारी हैं।

इस शहर में खरीद सकते हैं अपनी मन पसंद दुल्हन, लगता है दुल्हनों का बाजार

न्यूज़ डेस्क। इस दुनिया में सब कुछ बिकाऊ है बस कीमत सही होनी है लेकिन दुनिया में एक ऐसी भी मार्केट है जहां जाकर पुरुष अपनी मनपसंद दुल्‍हन खरीद सकते हैं। बुल्‍गारिया के स्‍टारा जागोरा में दुल्‍हनों का मार्केट लगता है। इस दुल्‍हनों की मार्केट में आपको अपनी मन पसंद दुल्‍हन जरूर मिल जाएगी।

सजता है दुल्हनों का मार्केट

ये दुल्‍हनों का मार्केट बुल्‍गारिया में 3 साल में एक बार सजता है। दुल्‍हनों के इस बाजार में गरीब परिवार की बेटियों को बेचा जाता है। इन लड़कियों के परिवार वाले इनकी शादी का खर्च वहन कर पाने में असक्षम होते हैं इसलिए इन्‍हें दुल्‍हनों के इस मार्केट में बिकने के लिए आना पड़ता है।

खरीद सकते हैं अपनी मन पसंद दुल्हन

यहां पर लड़के अपने परिवार और परिजनों के साथ दुल्‍हन पसंद करने आते हैं। यहां पर आने वाले लड़के दुल्‍हन को पसंद कर उसे अपनी पत्‍नी के रूप में स्‍वीकार कर लेते हैं। इस मार्केट में शादी से पहले लड़कों को अपनी दुल्‍हन से बात करने का मौका भी दिया जाता है। इसके पश्‍चात् लड़के का परिवार उस दुल्‍हन के परिवार को तय रकम अदा करता है और दुल्‍हन को अपने साथ ले जाता है। दुल्‍हन बेचने की ये मार्केट गरीब परिवारों में यहां कई सालों से चली आ रही है। इस प्रथा पर कानून की तरफ से भी कोई रोक नहीं है।