सरकार आपके द्वार’ से गांव तक पहुंचीं शासकीय सेवाएं, सेमरा के सेवा सेतु शिविर में एक ही स्थान पर मिला योजनाओं का लाभ

रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से शासकीय योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों के और करीब पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत सेमरा स्थित हाई स्कूल परिसर में विशेष सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया।

शिविर में आयोजित आजीविका ऋण मेले के माध्यम से ग्रामीणों एवं स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में विशेष पहल की गई। मेले में 908 प्रकरणों में 19.43 करोड़ रुपये की राशि प्रेषित की गई। इसके साथ ही 537 प्रकरणों में 13.41 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई तथा 281 प्रकरणों में 7.90 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया। इससे ग्रामीणों और स्व-सहायता समूहों को अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग मिला।

एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी और सेवाओं का लाभ

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को योजनाओं, पात्रता और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और आवश्यकताओं को सुना तथा पात्रतानुसार विभिन्न सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा ग्रामीणों से संवाद भी किया।

पीएम आवास की चाबी से आयुष्मान कार्ड तक, हितग्राहियों को मिली सहायता

शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के साथ आयुष्मान कार्ड, वय वंदन योजना कार्ड, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, नैनो यूरिया और रोजगार कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया।

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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोद भराई कार्यक्रम आयोजित कर मातृ एवं शिशु पोषण का संदेश दिया गया। हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं एवं पोषण से संबंधित जानकारी भी दी गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नागरिकों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं और आवश्यक मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

लखनऊ में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात: भौंकने पर बाइक सवार ने राइफल से कुत्ते को मारी गोली, घटना CCTV में कैद

 लखनऊ।

राजधानी लखनऊ में बेजुबान आवरा जानवरों के साथ क्रूरता और बर्बरता करने से जुड़े अनेकों मामले सामने आते हैं। इन्हीं मामलों के बीच लखनऊ के राजाजीपुरम इलाके से मंगलवार को स्ट्रीट डॉग के साथ हैवानियत की हदें पार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है।
दरअसल, तालकटोरा थाना क्षेत्र के राजाजीपुरम में एक बाइक सवार युवक ने अपनी राइफल से बेजुबान स्ट्रीट डॉग को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। ये पूरी घटना पास के एक मकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ये घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे ब्लॉक-सी स्थित ग्रीनफील्ड स्कूल और विशन ऑप्टिकल के नजदीक की बताई जा रही है। इस मामले में ‘आसरा द हेल्पिंग हैंड्स ट्रस्ट’ नाम की संस्था ने थाने में तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

CCTV में वीडियो आया सामने
आपको बता दें कि वारदात का जो CCTV वीडियो सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि नीली वर्दी पहने एक अज्ञात बाइक सवार कंधे पर राइफल टांगकर सड़क से गुजरता है। जैसे ही सड़क के किनारे मौजूद कुत्ते उस पर भौंकते हैं, वह अचानक अपनी मोटरसाइकिल रोकता है और नीचे उतरकर खड़ा हो जाता है। इसके बाद उसने बड़ी ही शांति से अपनी जेब से एक कारतूस निकाली और उसे अपनी राइफल के लोड करके बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे एक कुत्ते को निशाना बनाकर फायर झोंक देता है। गोली लगते ही कुत्ता वहीं ढेर हो जाता है और आरोपी बाइक स्टार्ट कर मौके से फरार हो जाता है।

AASRA एनजीओ ने थाने में दी तहरीर
दिनदहाड़े रिहायशी इलाके में फायरिंग और पशु हत्या की जानकारी मिलते ही पशु संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ‘आसरा द हेल्पिंग हैंड्स ट्रस्ट’ की टीम मौके पर पहुंची। संस्था की संचालिका चारु खरे और एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट अनु बोस ने तालकटोरा थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। NGO के पदाधिकारियों ने बताया कि मृत कुत्ते के शव को संस्था की ओर से सुरक्षित रखवाया गया है और पुलिस से उसका विधिवत पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है ताकि कानूनी प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाया जा सके।

मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
रिहायशी इलाके में सरेराह राइफल से फायरिंग की घटना ने स्थानीय निवासियों में भी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। तालकटोरा थाने के इंस्पेक्टर कुलदीप दुबे ने बताया कि आसरा संस्था की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है ताकि नीली वर्दी पहने बाइक सवार की पहचान और उसके वाहन का नंबर ट्रेस किया जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द से जल्द चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

चलते समय पैरों और अंगूठे में दर्द, कहीं ये यूरिक एसिड बढ़ने का संकेत हो नहीं, जानें सच्चाई

चलते समय पैरों में दर्द कई कारणों से हो सकता है। कभी यह ज्यादा चलने, गलत जूते, मांसपेशियों की समस्या या चोट से जुड़ा होता है, तो कुछ मामलों में जोड़ की सूजन भी इसकी वजह हो सकती है। अगर दर्द के साथ पैर के किसी जोड़ में अचानक सूजन, लालिमा, गर्माहट और तेज दर्द होने लगे, तो यूरिक एसिड बढ़ने या गठिया की संभावना पर भी ध्यान देना जरूरी है। गाउट का संबंध शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ने और जोड़ों में Monosodium Urate crystals जमा होने से है। हालांकि केवल ब्लड टेस्ट में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ मिलना यह साबित नहीं करता कि पैरों का दर्द गठिया की वजह से ही है। सही जांच के लिए लक्षण, फिजिकल एग्जामिनेशन और जरूरत पड़ने पर जॉइंट फ्लूइड की जांच की जाती है।

क्या बढ़ा हुआ यूरिक एसिड चलते समय पैरों में दर्द का कारण बन सकता है?

बढ़ा हुआ यूरिक एसिड यानी Hyperuricemia लंबे समय तक रहने पर कुछ लोगों में गठिया का कारण बन सकता है। जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा हो जाता है, तो यह छोटे-छोटे मोनोसोडियम यूरेट क्रिस्टल के रूप में जोड़ों के आसपास जमा हो सकता है। इन क्रिस्टल्स के कारण इम्यून सिस्टम सक्रिय होता है और जोड़ों में तेज इंफ्लेमेंशन शुरू हो सकता है।एनआईएच के अनुसार गठिया का दर्द आमतौर पर केवल चलने पर होने वाला हल्का दर्द नहीं होता। इसका दर्द अचानक शुरू हो सकता है और प्रभावित जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट दिखाई दे सकती है। पैरों के जोड़ों, खासकर पैर के अंगूठे का जोड़ों, इसकी सामान्य प्रभावित हिस्सों में शामिल हैं। इसलिए अगर चलते समय पैर में दर्द होता है लेकिन कोई सूजन, लालिमा या जोडों में दर्द नहीं है, तो सिर्फ यूरिक एसिड को इसका कारण मान लेना सही नहीं होगा।

यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में क्रिस्टल्स कैसे बनते हैं?

can uric acid causes pain while walkingयूरिक एसिड से चलने में दर्द (Designed By Istock)

यूरिक एसिड शरीर में प्यूरिन्स के टूटने से बनने वाला वेस्ट प्रोडक्ट है। सामान्य स्थिति में किडनी इसे यूरिन के रास्ते शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं। जब शरीर ज्यादा यूरेट बनाता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पातीं, तो ब्लड में इसका स्तर बढ़ सकता है।
अगर यूरिक एसिड लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो कुछ परिस्थितियों में इसका मोनोसोडियम यूरेट क्रिस्टल्स के रूप में जमा हो सकता है। ये क्रिस्टल्स खासकर जोड़ों के आसपास जमा हो सकते हैं। जब इम्यून सेल्स इन क्रिस्टल्स को पहचानते हैं, तो इंफ्लामेटरी रिस्पॉन्स शुरू हो सकता है। इसी इंफ्लेमेशन के कारण गठिया में अचानक तेज दर्द और सूजन महसूस होती है।एनसीबीआई के मुताबिक ध्यान रखना जरूरी है कि हाइपरयूरेसिमिमया (Hyperuricemia) और गाउट एक ही चीज नहीं हैं। कई लोगों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होने के बावजूद कभी गाउट विकसित नहीं होता। इसलिए केवल यूरिक एसिड की रिपोर्ट देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि पैर का दर्द गाउट की वजह से है।

गाउट में पैर के अंगूठे और जोड़ में दर्द क्यों होता है?

सीडीसी के मुताबिक गठिया या गाउट का पहला अटैक अक्सर पैर के बड़े अंगूठे के जोड़ में दिखाई देता है। इसे मेडिकल भाषा में First Metatarsophalangeal Joint कहा जाता है। इस जोड़ में यूरिक एसिड क्रिस्टल्स जमा होने पर तेज इंफ्लामेटरी रिएक्शन हो सकता है।
गाउट अटैक में दर्द इतना तेज हो सकता है कि चलना मुश्किल हो जाए। प्रभावित जोड़ लाल और गर्म हो सकता है और हल्का छूने या जूते का दबाव भी असहज लग सकता है। कई लोगों में दर्द अचानक शुरू होता है और रात के समय दर्द इतना बढ़ सकता है कि नींद खुल जाए।

यूरिक एसिड और गाउट को नियंत्रित रखने के लिए क्या करें?

Can uric acid cause painful feet?<br>यूरिक एसिड बढ़ने से पैरों में हो सकता है दर्द (Designed By Istock)

अगर डॉक्टर ने गाउट या हाइपरयूरेसिमिया (Hyperuricemia) की पुष्टि की है, तो केवल पानी पीना या एक-दो आहार छोड़ देना हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होता। ट्रीटमेंट व्यक्ति की बीमारी, अटैक की फ्रीक्वेंसी, किडनी फंक्शन और अन्य हेल्थ कारकों के अनुसार तय किया जाता है।सीडीसी के अनुसार लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव मददगार हो सकते हैं। अल्कोहल, खासकर बियर और कुछ हाई प्यूरिन आहार का सेवन कम करना, शूगरी ड्रिंक्स से बचना, वजन नियंत्रित बनाए रखना और नियमित फिजिकल एक्टिविटी अपनाना उपयोगी हो सकता है। रेड मीट, मीट और कुछ समुद्री आहार में प्यूरिन ज्यादा होते हैं, इसलिए इनका सेवन डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार सीमित किया जा सकता है।

लेकिन अगर बार-बार गठिया का दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर यूरेट कम करने वाली देवा दे सकते हैं। ऐसी दवाओं को अपनी मर्जी से शुरू या बंद नहीं करना चाहिए।चलते समय पैरों में दर्द को हमेशा यूरिक एसिड से जोड़ना सही नहीं है। लेकिन अगर दर्द किसी जोड़ों में अचानक तेज हो, साथ में सूजन, लालिमा और गर्माहट हो और खासकर पैर के अंगूठे का जोड़ प्रभावित हो, तो गठिया एक संभावित कारण हो सकता है। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कुछ लोगों में जोड़ों में Monosodium Urate crystals के जमाव और इंफ्लेमेशन का कारण बनता है, लेकिन हर व्यक्ति में हाइपरयूरेसिमिया से गठिया नहीं होता। इसलिए बार-बार होने वाले या तेज जोड़ों के दर्द में यूरिक एसिड रिपोर्ट के साथ डॉक्टर से जांच कराना भी जरूरी है।

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देगा ‘चेन्दरू’ पुरस्कार, उत्कृष्ट योगदान पर मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गांवों की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय जीवनशैली को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। पर्यटन विभाग ने ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए गए हैं, जो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी होंगे।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार का उद्देश्य केवल उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय रोजगार, आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास का प्रभावी माध्यम बनाना भी है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव हमारी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति की जीवंत विरासत हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन का लाभ केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आजीविका तथा स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ उन लोगों और संस्थाओं को पहचान देने का प्रयास है, जो जमीनी स्तर पर पर्यटन के माध्यम से अपने गांव और क्षेत्र की तस्वीर बदल रहे हैं। होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़ देश में ग्रामीण पर्यटन का एक विशिष्ट मॉडल बन सकता है।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण पर्यटन में यह क्षमता है कि पर्यटक किसी स्थान को केवल देखें नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति, परंपरा, खान-पान और जीवनशैली को करीब से अनुभव करें। इससे पर्यटन से होने वाली आय सीधे स्थानीय समुदाय तक पहुंच सकती है।

‘चेन्दरू’ नाम से छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच

पुरस्कार का नाम ‘चेन्दरू’ छत्तीसगढ़ की उस विशिष्ट पहचान को सामने लाता है, जिसने कभी बस्तर और यहां के सहज प्राकृतिक जीवन को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। अब इसी नाम से स्थापित राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार छत्तीसगढ़ के गांवों में पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले जमीनी नायकों और संस्थाओं को सम्मान और पहचान प्रदान करेगा।

एक लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र से होगा सम्मान

पुरस्कार के अंतर्गत चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति को यह सम्मान जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नवाचारी और प्रभावशाली प्रयासों को सामने लाकर राज्य में ग्रामीण पर्यटन की नई प्रेरक कहानियां तैयार करना है।

छह सदस्यीय जूरी करेगी उत्कृष्ट कार्यों का मूल्यांकन

पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन हेतु छह सदस्यीय निर्णायक मंडल का प्रावधान किया गया है। जूरी की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक करेंगे। इसमें पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्य, उसके प्रभाव, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन तथा संस्कृति एवं प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।

समाचार पत्रों के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी प्रविष्टियां

‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। आवेदकों को अपनी प्रोफाइल, फोटोग्राफ, छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए गए कार्यों और उपलब्धियों से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

राज्योत्सव में मिलेगा सम्मान, देश के सामने आएंगी सफलता की कहानियां

चयनित विजेता अथवा संस्था के प्रतिनिधि को राज्योत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर विजेता के कार्यों, नवाचारों और उपलब्धियों को रेखांकित करती सचित्र स्मारिका भी जारी की जाएगी। इससे ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को व्यापक पहचान मिलेगी और अन्य गांवों तथा समुदायों को भी पर्यटन आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

होमस्टे और सामुदायिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं राज्य की विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं से जुड़ी हुई हैं। बस्तर और सरगुजा की जनजातीय संस्कृति से लेकर ग्रामीण अंचलों के पारंपरिक व्यंजन, लोककला, हस्तशिल्प, मेले, पर्व, प्राकृतिक स्थल और स्थानीय जीवनशैली पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्रदान करते हैं। ऐसे में होमस्टे और समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों का विकेंद्रीकरण होगा और इसका आर्थिक लाभ गांवों तक पहुंचेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कला, शिल्प, खान-पान, लोकसंस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास ग्रामीण पर्यटन को केवल पर्यटन गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की आर्थिक-सामाजिक सशक्तता, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित करना है।

IND vs WI: 9 दिन में इस खिलाड़ी का दो बार डेब्यू, वैभव सूर्यवंशी बाहर, 150 की स्पीड वाले को भी मिली टीम में एंट्री

नई दिल्ली।

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने बड़ा दांव खेला है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर प्लेइंग इलेवन में तरजीह दी गई है। इसके साथ ही भारतीय सरजमीं पर इंटरनेशनल डेब्यू का इंतजार कर रहे वैभव को अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। सैमसन अब अभिषेक शर्मा के साथ भारतीय पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे।

सैमसन और अभिषेक टीम का हिस्सा

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के दौरान सैमसन की हालिया सहजता को देखते हुए उन्हें टॉप ऑर्डर में वापस लाया गया है। एशिया की परिस्थितियों में सैमसन का रिकॉर्ड शानदार रहा है और उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में दो बेहतरीन अर्धशतक भी जड़े थे। वहीं मिडल ऑर्डर को मजबूती देने के लिए ईशान किशन को नंबर 3 पर शामिल किया गया है जिसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और शिवम दुबे मोर्चा संभालेंगे।

वैभव सूर्यवंशी और रवि बिश्नोई बाहर

इस मुकाबले में युवा ऑलराउंडर नमन धीर के लिए भी यह पल बेहद खास रहा, जब तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने उन्हें पहली टी20 कैप सौंपी। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ ही वनडे डेब्यू करने वाले नमन धीर अब क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भारत ने इस मैच के लिए प्लेइंग इलेवन में कुल चार बदलाव किए हैं जिसमें रवि बिश्नोई, नितिश कुमार रेड्डी, वैभव सूर्यवंशी और प्रिंस यादव को बाहर बैठना पड़ा है।

वेस्टइंडीज की टीम में ये खिलाड़ी

दूसरी तरफ वेस्टइंडीज की कमान शाई होप संभाल रहे हैं जो टीम के मुख्य विकेटकीपर भी हैं। कैरेबियाई टीम में कामिल पूरन, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड जैसे ताबड़तोड़ बल्लेबाज शामिल हैं। इसके अलावा रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड और रोस्टन चेज जैसे ऑलराउंडर्स टीम को एक मजबूत गहराई प्रदान करते हैं।मेहमान टीम के लिए यह मुकाबला ऐतिहासिक भी है, क्योंकि उनके अनुभवी स्पिनर अकील हुसैन अपना 100वां टी20 इंटरनेशनल मैच खेल रहे हैं। लखनऊ के मैदान पर इस उपलब्धि को हासिल करना उनके करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण को धार देने का जिम्मा शमार स्प्रिंगर और तेज गेंदबाज शमार जोसेफ के कंधों पर रहेगा।

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन इस प्रकार है:

भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मयंक यादव।

वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान और विकेटकीपर), कामिल पूरन, शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज, अकील हुसैन, शमार स्प्रिंगर, शमार जोसेफ।

इंडिया गठबंधन का मार्च : बैरिकेड पर चढ़े राहुल, सीईसी के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, कहा- वोट चोर, गद्दी छोड

ऩईदिल्ली  ।

वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के नेता चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाल रहे हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विपक्षी दलों के नेता वोटर लिस्ट में किए गए विवादित बदलावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की। दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में शामिल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सदस्य संघर्ष और मेहनत से कभी नहीं डरते। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी घबराई हुई है, इसलिए यहां पुलिस के बैरिकेड लगाए गए हैं। उन्होंने उपचुनाव को लेकर भी बीजेपी पर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए बीजेपी को हराएगा। इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। दूसरी मांग चुनाव बैलेट पेपर से कराने की है। वहीं, तीसरी मांग एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए सभी लोगों के नाम दोबारा शामिल करने की है। अरविंद सावंत ने कहा कि विपक्ष इन मांगों को लेकर चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रख रहा है। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए। इस दौरान उन्होंने हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर उसे लहराया।

राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढऩे से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। इसी दौरान राहुल गांधी बैरिकेड के ऊपर चढक़र तिरंगा लहराते नजर आए। दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढ़ रहे इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। विपक्षी सांसद चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर बढऩे की कोशिश करते नजर आए।

ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी, जोरंडाझरिया को मिला नया सामुदायिक भवन

रायपुर।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में फरसाबहार तहसील के ग्राम पंचायत जोरंडाझरिया के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही सामुदायिक भवन की मांग पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक  विष्णु देव साय के विधायक मद से स्वीकृत 10 लाख रुपए की लागत से गांव में सामुदायिक भवन का निर्माण पूर्ण किया गया है।नए सामुदायिक भवन के निर्माण से ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए गांव में ही सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो गया है। अब ग्रामीणों को विभिन्न आयोजनों के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भवन का उपयोग सामाजिक कार्यक्रमों, बैठकों एवं अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा।गांव में इस सुविधा के उपलब्ध होने से सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेष अवसरों और सामूहिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक स्थायी स्थान मिलने से ग्रामीणों को बड़ी सहूलियत होगी।

बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी

सामुदायिक भवन का निर्माण पूर्ण होने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से सामुदायिक भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उनकी मांग को प्राथमिकता देते हुए राशि स्वीकृत कर भवन का निर्माण कराया गया, जिससे पूरे गांव को एक महत्वपूर्ण सुविधा मिली है।ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, भवन सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं के लगातार विस्तार से गांवों में विकास को गति मिल रही है और आम लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।

घर बैठे वाहन संबंधी आवश्यक कार्य पूर्ण करने की मिलेगी सुविधा – मंत्री केदार कश्यप

रायपुर ।

छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सोमवार को बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत परसाभदेर में नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन का विधिवत लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को नया आयाम देने के उद्देश्य से सोनबरसा जंगल सफारी के लिए 4 नई जिप्सियों और परिसर के सौंदर्यीकरण तथा अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए 1.5 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।लोकार्पण के पश्चात मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सर्वसुविधायुक्त नवनिर्मित जिला परिवहन कार्यालय भवन  के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया। मंत्रीद्वय ने भवन की उच्च गुणवत्तापूर्ण निर्माण शैली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए अधिकारियों को आम जनता की सहूलियत और नागरिक केंद्रित सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार जन-आकांक्षाओं को प्राथमिकता देते हुए परिवहन सेवाओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है। आने वाले समय में परिवहन विभाग से जुड़े सभी कार्य पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर आधारित होंगे, जिससे नागरिकों को अपने आवश्यक कार्य घर बैठे ही पूर्ण करने की अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। जिले में पंजीकृत 2 लाख 14 हजार से अधिक वाहनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल दिया। विशेषकर स्कूली बच्चों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करें ताकि संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित श्राहवीर योजनाश् का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक के मुफ्त एवं कैशलेस इलाज की व्यवस्था दी जा रही है। उन्होंने जिले के 5 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) में परिवहन सुविधा केंद्रों के सफल संचालन और 572 लर्निंग लाइसेंस जारी होने पर खुशी जाहिर की।
राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जिलेवासियों को बधाई देते हुए बताया कि महज पौने दो वर्षों के रिकॉर्ड समय में इस सर्वसुविधायुक्त आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही जिले में अत्याधुनिक वाहन टेस्टिंग की सुविधा भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय निवासियों को जांच के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आज गांव से लेकर शहर तक समाज के हर वर्ग को मिल रहा है।

समारोह के दौरान सामाजिक सरोकारों और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 80 वर्ष से अधिक आयु के 10 वरिष्ठ बुजुर्गों को निःशुल्क बस पास प्रदान किए गए, जबकि 5 वाहन स्वामियों को लाइसेंस और 5 चालकों को सुरक्षा हेतु हेलमेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्सेवा संकल्प अभियानश् के अंतर्गत श्एक पेड़ माँ के नामश् मुहिम के तहत मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय परिसर में पौधरोपण कर हरित पर्यावरण का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा व प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, अपर आयुक्त परिवहन, मुख्य वन संरक्षक (रायपुर वृत्त) मणीवासन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक और डीएफ सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

रेत के अवैध परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 7 वाहन जब्त

रायपुर । 

जांजगीर-चांपा जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर  जन्मेजय महोबे के निर्देशन में खनिज विभाग की टीम ने पिपरदा, पुछेली, पीथमपुर, हाथनेवरा और चांपा सहित विभिन्न क्षेत्रों में औचक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त पाए गए एक हाईवा और 6 ट्रैक्टर सहित कुल 7 वाहनों को जब्त किया गया।

खनिज अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान ग्राम पिपरदा से एक हाईवा, पीथमपुर से 3 ट्रैक्टर तथा चांपा के हसदेव नदी क्षेत्र से 3 ट्रैक्टर रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए। सभी 7 वाहनों को खनिज नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए जब्त किया गया है। जब्त वाहनों को पुलिस थाना चांपा एवं कलेक्टोरेट परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। दर्ज प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर  महोबे ने अधिकारियों को जिले में रेत एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर सतत निगरानी रखने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध जांच एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

नक्सलवाद के लंबे और काले दौर से निकलकर शांति, सुरक्षा और समृद्धि की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा बस्तर – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर ।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल नक्सलवाद के लंबे और काले दौर से निकलकर अब शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। कभी हिंसा और भय से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शासन की योजनाएं और सेवाएं पहुंच रही हैं। विकास के साथ लोगों के जीवन में सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा आज जगदलपुर के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा एक ही स्थान पर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करने के साथ पात्र हितग्राहियों को वित्तीय सहायता, अधिकार अभिलेख, प्रमाण पत्र और विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

*हिंसा के जख्मों पर सेवा और संवेदना का मरहम*
शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मां दंतेश्वरी की कृपा और शासन-प्रशासन के साझा प्रयासों से बस्तर में माओवादी हिंसा समाप्ति की ओर है। क्षेत्र में अब भय के स्थान पर विश्वास और हिंसा के स्थान पर विकास एवं सेवा का नया सवेरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने नक्सली हिंसा और आईईडी विस्फोटों से प्रभावित आम नागरिकों एवं सुरक्षा जवानों के पुनर्वास का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन दिवसीय विशेष शिविर के माध्यम से पीड़ितों और दिव्यांगजनों को उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण शत-प्रतिशत निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने इस पहल से जुड़े एक भावुक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि कृत्रिम हाथ लगने के बाद एक हितग्राही ने उसी हाथ से पानी की बोतल उठाकर पानी पिया। वर्षों बाद अपने हाथ से सामान्य काम कर पाने की यह खुशी बताती है कि ऐसी पहल किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती है।

*एक ही छत के नीचे मिला योजनाओं का लाभ*
जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में विभिन्न विभागों ने मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्रदान किया। राजस्व विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन के अंतर्गत पांच बाढ़ प्रभावितों को कुल 6 लाख 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही 35 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। श्रम विभाग द्वारा मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत एक हितग्राही को 20 हजार रुपए तथा मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत एक पात्र हितग्राही को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।कृषि विभाग ने पांच किसानों को फसल बीमा प्रमाण पत्र और मत्स्य पालन विभाग ने तीन मत्स्य पालकों को जाल वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदन कार्ड और पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। शिविर में 12 नागरिकों के आधार विवरण का अद्यतन करने के साथ जन्म एवं मृत्यु पंजीयन से संबंधित आवेदन भी लिए गए।

*बस्तर में विकास की नई तस्वीर – सांसद  महेश कश्यप*
बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों तथा आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक प्रभाव बस्तर में दिखाई दे रहा है। दशकों तक उग्रवाद के कारण बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था, निःशुल्क राशन, पक्के आवास, शौचालय सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। सेवा संकल्प शिविर के माध्यम से एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय मौके पर ही समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ मिल रहा है।इस अवसर पर नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, नगर निगम आयुक्त  प्रवीण वर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नागरिक उपस्थित थे।