Corona Vaccine : अब 9 की जगह 6 महीने बाद ही लगवा सकते है बूस्टर डोज, स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा फैसला

नई दिल्ली। कोरोना अब भी भारत सहित दुनियाभर में चिंता का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। भारत में पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते हुए देखे गए हैं। देश में पहली और दूसरी लहर के दौरान बहुत से लोगों ने कोरोना संक्रमण की वजह से जान गंवा दी। अंतत: जब कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए कोरोना वैक्सीन (Covid Vaccine) आईं तो इससे होने वाली मौतों में कमी आयी। लेकिन एक समय के बाद वैक्सीन से मिली रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी कमजोर पड़ने लगती है। इसके लिए भारत सरकार ने एहतियाती खुराक (Precaution Dose) की व्यवस्था की। जिन लोगों को वैक्सीन लगे हुए 9 महीने हो गए, वह यह प्रिकॉशन डोज या बूस्टर डोज ले सकते हैं। अब सरकार ने 9 महीने इंतजार की अनिवार्यता को भी कम कर दिया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज यानी बुधवार 6 जुलाई को पत्र जारी करके प्रिकॉशन डोज के लिए 9 महीने के इंतजार को कम करते हुए 6 महीने कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपको दूसरी कोरोना डोज लगे हुए 6 माह हो गए हैं तो अब आप प्रिकॉशन डोज या बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। याद रहे कि बूस्टर डोज के लिए 6 महीने का समय सिर्फ 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए है।

इस चिट्ठी में लिखा गया है कि वैज्ञानिक सबूतों और वैश्विक तौर-तरीकों को देखते हुए नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन (NTAGI) की स्टैंडिंग टेक्निकल सब कमेटी (STSC) ने सुझाव दिया है कि कोरोना की दूसरी डोज और एहतियाती खुराक (Booster Dose) के बीच के समय को 39 हफ्ते (9 माह) से कम करके 26 सप्ताह (6 महीने) कर दिया जाए। इस सुझाव का NTAGI ने भी समर्थन किया है।

इसलिए अब 18 से 59 आयु वर्ग के सभी लोगों को दूसरी खुराक लगने के 6 माह बाद ही एहतियाती खुराक दी जाएगी। ध्यान रहे कि आम लोग एहतियाती खुराक प्राइवेट कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पर ही यह खुराक लगवा सकते हैं। जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और हेल्थ केयर वर्कर व फ्रंटलाइन वर्कर दूसरी डोज के 6 माह बाद सरकारी वैक्सीन सेंटर पर जाकर प्रीकॉशन डोज लगवा सकते हैं।

ज्ञात हो कि भारत में आज यानी बुधवार 6 जुलाई को कोविड-19 के 16 हजार, 159 नए मामले सामने आए। इस तरह से कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़, 35 लाख, 47 हजार, 809 हो गई, जबकि देश में एक्टिव मरीजों की संख्या भी बढ़कर 1 लाख, 15 हजार, 212 पहुंच गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को सुबह आठ बजे तक अपडेटिड आंकड़ों के अनुसार, महामारी के कारण 28 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5 लाख, 25 हजार, 270 हो गई है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0।26 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98।53 प्रतिशत दर्ज की गई है। देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 198।20 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।

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