विश्व
पुष्टि - 221,140,621
मृत्यु - 4,575,780
ठीक- 197,635,720
भारत
पुष्टि - 32,988,673
मृत्यु - 440,567
ठीक- 32,138,092
महाराष्ट्र
पुष्टि - 64,82,117
मृत्यु - 1,37,707
ठीक- 62,88,851
केरल
पुष्टि - 41,81,137
मृत्यु - 21,422
ठीक- 39,09,096
कर्नाटक
पुष्टि - 29,54,047
मृत्यु - 37,401
ठीक- 28,98,874
तमिलनाडु
पुष्टि - 26,21,086
मृत्यु - 35,000
ठीक- 25,69,771

जो काम आजादी के तुरंत बाद होना था, उसे हम आज कर रहे; सेंट्रल विस्टा के विरोधियों पर बरसे पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने नए रक्षा कार्यालय परिसरों का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के आलोचकों को घेरा। पीएम मोदी ने कहा कि सेंट्रल विस्टा पर कुछ लोगों ने भ्रम फैलाने का काम किया है। आज देश देख रहा है कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पीछे हम क्या कर रहे हैं। वक्त से पहले डिफेंस कॉम्प्लेक्स को बनाने का काम पूरा हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने कामकाज की नई शैली अपनाई है। मुझे 2014 में आपने सेवा का मौका दिया था। मैं सरकार में आते ही संसद भवन को बनाने का काम शुरू कर सकता था। लेकिन हमने यह रास्ता नहीं चुना। सबसे पहले हमने देश के लिए जान देने वालों के लिए स्मारक बनाना तय किया। आजादी के तुरंत बाद जो काम होना चाहिए था, उसे हम आज कर रहे हैं। देश के दफ्तरों को ठीक करने का बीड़ा उठाया। सबसे पहले हमने देश के शहीदों को सम्मान देने का काम किया।’

पीएम ने कहा कि ये नया डिफेंस ऑफिस कॉम्प्लेक्स हमारी सेनाओं के कामकाज को अधिक सुविधाजनक, अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों को और सशक्त करने वाला है। 21वीं सदी के भारत की सैन्य ताक़त को हर तरह से मज़बूत बनाने में जुटे हैं। एक से एक आधुनिक हथियारों से लैस करने में जुटे है। ऐसे में देश की सुरक्षा से जुड़ा कामकाज दशकों पुराने परिसरों में हो वह कैसे संभव हो सकता है?

पीएम मोदी बोले कि आज जब ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर फोकस कर रहे हैं, तो इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी उतनी ही बड़ी भूमिका है। सेंट्रल विस्टा से जुड़ा जो काम आज हो रहा है, उसके मूल में यही भावना है।

गौरतलब है कि पीएम से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि पुराने रक्षा परिसर इतने जर्जर हो गए थे कि टूटने के कगार पर थे। अब 7,000 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी नए परिसर में अच्छी कार्यकारी परिस्थितियों में काम कर सकेंगे। ये परिसर 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से बने हैं और यहां हर तरह की सुविधाएं भी हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.