विश्व
पुष्टि - 221,140,621
मृत्यु - 4,575,780
ठीक- 197,635,720
भारत
पुष्टि - 32,988,673
मृत्यु - 440,567
ठीक- 32,138,092
महाराष्ट्र
पुष्टि - 64,82,117
मृत्यु - 1,37,707
ठीक- 62,88,851
केरल
पुष्टि - 41,81,137
मृत्यु - 21,422
ठीक- 39,09,096
कर्नाटक
पुष्टि - 29,54,047
मृत्यु - 37,401
ठीक- 28,98,874
तमिलनाडु
पुष्टि - 26,21,086
मृत्यु - 35,000
ठीक- 25,69,771

अच्छी खबर: चारधाम यात्रा हुई शुरू, इन शर्तों के साथ दर्शन कर पाएंगे श्रद्धालु

नई दिल्ली। चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। आपको बता दें कि नैनीताल हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई की और यात्रा पर लगी रोक के फैसले को वापस ले लिया है। कोर्ट ने चारधाम यात्रा को मंजूरी देते हुए कोरोना नियमों का सख्त पालन करने का आदेश जारी किया है। खबर के मुताबिक, सरकार कोविड गाइडलाइंस के तहत यात्रा का संचालन कराएगी। इस नए कोरोना नियमों में श्रद्धालुओं के लिए कुछ प्रतिबंध भी लगा दिए गए है।

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और आदेश देते हुए कहा कि, चारधाम की यात्रा के लिए यात्रियों की संख्या सिमित होगी। यानि कि केदारनाथ धाम में 800 यात्री, बद्रीनाथ धाम में 1200 यात्री, गंगोत्री में 600 यात्री और यमुनोत्री में 400 यात्रियों को जाने की अनुमति होगी। वहीं सभी यात्रियों को अपना डबल शॉट वैक्सीन का सर्टिफिकेट और कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट ले जाना आवशयक होगा। बता दें कि कोर्ट ने इस यात्रा में कई प्रतिंबध भी लगाए है। इन प्रतिबंधों के मुताबिक किसी भी यात्री को कुंड में स्नान की अनुमति नहीं होगी। चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में चारधाम यात्रा के दौरान पूरी पुलिस फोर्स तैनात किए जाएंगे। कोर्ट की चारधाम यात्रा की मंजूरी के बाद उत्तराखंड सरकार यात्रा के लिए नई एसओपी जारी करेगी। कोरोना के मामले कम होने के कारण चारधाम की यात्रा पर लगाई रोक हटाई गई है।

गौरतलब है कि 26 जून से चारधाम यात्रा पर लगाई रोक के बाद व्यापारियों का काम ठप हो गया था। इस बीच व्यापारियों ने यात्रा को फिर से शुरू कराने की सरकार से मांग की थी। अब यात्रा शुरू होने के बाद से व्यापारियों समते कई जिले के लोगों की आजीविका पटरी पर लौटने की उम्मीद है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.