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नए साल पर 6 राज्यों को पीएम मोदी ने दी बड़ी सौगात, लाइट हाउस प्रोजेक्ट की रखी नींव, बोले- पहले पैसे देने पर भी मकान नहीं मिलते थे

नई दिल्ली। नए साल के पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी शहरों में रहने वाले गरीब लोगों के लिए घर का तोहफा दिया। जिसके अंतर्गत पीएम मोदी शुक्रवार सुबह 11 बजे छह राज्यों में ‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ (LHP) का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा आज मध्यम वर्ग के लिए घर बनाने के लिए देश को नई तकनीक मिल रही है। ये 6 लाइट हाउस प्रोजेक्ट देश को आवास निर्माण की दिशा में राह दिखाएंगे। पीएम ने कहा कि ये को ऑपरेटिव फेडरलिज्म की मिसाल है।

पीएम मोदी ने कहा कि ये लाइट हाउट प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक से बनेंगे। ये ज्यादा मजबूत होंगे और गरीबों को सुविधाजनक और आरामदायक घर मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब निर्माण सरकार की प्राथमिकता में नहीं था, लेकिन इसे बदला गया। आवास निर्माण को भी स्टार्ट अप की तरह चुस्त दुरूस्त करेंगे।

पैसे देने पर भी नहीं मिलता था मकान
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले तक घर खरीदने वालों की बुरी हालत हुआ करती थी। घर के सपने को साकार करना मुश्किल काम था। पैसा दे देने पर भी मकान नहीं मिलता था। मकान खरीदने वाला पैसा चुका देता था और घर मिलने का इंतजार करता रहता था।

रोजाना बनेंगे ढाई से तीन घर
पीएम मोदी ने कहा कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत देश के 6 शहरों में 365 दिनों में 1 हजार मकान बनेंगे। इसका मतलब ये है कि रोजाना ढाई से तीन मकान बनेंगे।उन्होंने इंजीनियर, विद्यार्थियों और प्रोफेसरों से अपील की कि वे इन साइटों पर जाएं और इन प्रोजेक्ट का अध्ययन करें। इन सभी प्रोजेक्ट के लिए विदेशी तकनीक का सहारा लिया गया है, आप इसका अध्ययन करें और ये देखें कि क्या ये भारत के लिए सही है या फिर इसमें कुछ सुधार की गुंजाइश है।

क्या है लाइट हाउस प्रोजेक्ट?
लाइट हाउस प्रोजेक्ट केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत लोगों को स्थानीय जलवायु और इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए टिकाऊ आवास प्रदान किए जाते हैं। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए जिन राज्यों को चुना गया है उनमें त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, झारखंड और गुजरात हैं। इस राज्यों इंदौर, चेन्नै, रांची, अगरतला, लखनऊ और राजकोट शहर में 1,000-1000 से अधिक मकानों का निर्माण किया जाएगा।

पौने 5 लाख रुपये में घर
हरित निर्माण तकनीक का उपयोग कर शहरी गरीबों को छत मुहैया करने संबंधी एलएचपी प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए मकान बनाए जा रहे हैं। इसके तहत शहरी गरीबों (ईडब्ल्यूएस) को सिर्फ पौने पांच लाख रुपये में 415 वर्ग फीट के फ्लैट सौंपे जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, घरों की कीमत 12.59 लाख रुपये है, जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से 7.83 लाख रुपये अनुदान के तौर पर दिए जाएंगे। बाकी 4.76 लाख रुपये लाभार्थियों को देने होंगे। फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अनुसार होगा।

एक साल में पूरा निर्माण
लखनऊ में प्रोजेक्ट को लेकर यूपी के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि प्रॉजेक्ट का क्रियान्वयन शहीद पथ स्थित अवध विहार योजना में किया जा रहा है। नई तकनीक के प्रयोग के कारण निर्माण कार्य करीब एक साल में पूरा हो सकेगा। प्री फैब्रिकेटेड चीजों के प्रयोग से निर्माण ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होगा।

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