विश्व
पुष्टि - 326,836,658
मृत्यु - 5,553,780
ठीक- 266,449,527
भारत
पुष्टि - 37,122,164
मृत्यु - 486,094
ठीक- 35,085,721
महाराष्ट्र
पुष्टि - 71,24,278
मृत्यु - 1,41,756
ठीक- 67,17,125
केरल
पुष्टि - 53,42,953
मृत्यु - 50,568
ठीक- 52,14,862
कर्नाटक
पुष्टि - 31,53,247
मृत्यु - 38,411
ठीक- 29,73,470
तमिलनाडु
पुष्टि - 28,91,959
मृत्यु - 36,956
ठीक- 27,36,986

‘तनाव लगातार बने रहने और बढऩे पर “आकस्मिक युद्ध” की आशंका से इनकार नहीं ’, पाक की गीदड़भभकी

जेनेवा। जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले से बौखलाए पाकिस्तान ने एक बार फिर से युद्ध की गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति से कभी भी युद्ध भड़क सकता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति एक आकस्मिक युद्ध की ओर इशारा करती है। बुधवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सत्र के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए कुरैशी ने कहा कि उनका मानना है कि पाकिस्तान और भारत दोनों एक संघर्ष के परिणामों को समझते हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि “आकस्मिक युद्ध” से इंकार नहीं किया जा सकता है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रहती है … तो कुछ भी संभव है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बुधवार को कहा कि कश्मीर में स्थिति के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच ”अप्रत्याशित युद्ध भड़कने का खतरा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बैशलेट से कश्मीर का दौरा करने की अपील की। कुरैशी ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के इतर संवाददाताओं से कहा कि उनका मानना है कि पाकिस्तान और भारत दोनों ”संघर्ष के परिणामों को समझते हैं।

जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बीच कुरैशी ने कहा, ”आप एक अप्रत्याशित युद्ध से इनकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ”यदि हालात ऐसे ही बने रहते हैं… तो कुछ भी संभव है।

कुरैशी ने मानवाधिकार परिषद से कश्मीर में हालात की अंतरराष्ट्रीय जांच शुरू करने की मंगलवार को अपील की थी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने बैशलेट से बात की है और उनसे क्षेत्र के ”भारतीय एवं पाकिस्तानी हिस्सों का दौरा करने की अपील की है। कुरैशी ने कहा, ”उन्हें दोनों स्थानों का दौरा करना चाहिए और निष्पक्षता से रिपोर्ट देनी चाहिए, ताकि दुनिया को पता चले कि असल हालात क्या हैं।

मंत्री ने कहा कि बैशलेट ने कहा था कि वह ”यात्रा करने की इच्छुक हैं। इस संबंध में पुष्टि के लिए बैशलेट के कार्यालय से तत्काल संपर्क नहीं हो पाया। इस बीच, कुरैशी ने तनाव कम करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, ”यदि अमेरिका भूमिका निभाता है, तो यह महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि उसका क्षेत्र में काफी प्रभाव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.