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प.बंगाल के सरकारी स्कूल में परीक्षा का सवाल, जय श्री राम नारे का बताओं दुष्प्रभाव?

कोलकोता। बीते लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में जय श्री राम का मुद्दा जोर-शोर से हावी रहा है। वर्तमान दौर में यह नारा वैसे तो पूरे देश में लगाया जाता है लेकिन बंगाल इस नारे को लेकर लगातार सुर्खियों में रहता है। कभी जय श्री राम का नारा लगाने पर 8 लोग हिरासत में लिए जाते हैं। कभी जय श्री राम का नारा लगाने वालों को सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क कर चेतावनी देती नजर आती हैं। लेकिन इस नारे से बंगाल सरकार को इस कदर लगाव हो गया है कि छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने सवाल में भी जय श्री राम ने स्थान बना लिया है। हालांकि यह सवाल नारे के दुष्प्रभाव को लेकर पूछे गए हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के एक स्‍कूल ने अपने पेपर में ‘जय श्री राम’ नारे के ‘दुष्‍प्रभाव’ पूछे हैं। पश्चिम बंगाल के एक स्‍कूल ने अपने पेपर में ‘जय श्री राम’ नारे के ‘दुष्‍प्रभाव’ पूछे हैं। हुगली जिले के अकना यूनियन हाई स्‍कूल ने कक्षा 10 के स्‍टूडेंट्स से बंगाली भाषा के प्रश्‍नपत्र में यह सवाल कि पूछा गया था कि कैसे जय श्री राम का नारा समाज को बांट रहा है। इसके अलावा छात्रों से यह भी लिखने को कहा गया कि कैसे ‘कट मनी’ की वापसी से लोगों को फायदा हो रहा है। 5 अगस्त को हुए परीक्षा में न्‍यूजपेपर के लिए रिपोर्ट लिखने को कहा गया था।

विषय थे- ‘जय श्री राम का नारा लगाने के समाज पर पड़ने वाले दुष्‍प्रभाव और ‘कट मनी लौटाने के सरकार के बोल्‍ड स्‍टेज से भ्रष्‍टाचार रुका। हालांकि स्‍कूल ने इस सवाल हटाने का फैसला किया है। मगर किसी स्‍टूडेंट ने इस सवाल का जवाब दिया होगा तो उसे पूरे नंबर दिए जाएंगे। जिस टीचर ने क्‍वेश्‍चन पेपर तैयार किया, उसने माफी मांग ली है। लेकिन इस पूरे मामले पर भाजाप भड़क गई और खुद पर शिक्षा का भगवाकरण के आरोप लगाने वालों से बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को देखने की बात कही।

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