फ्लोर टेस्ट में थलापति को मिली विजय टीवीके को मिला 144 विधायकों का समर्थन

नईदिल्ली   ।

तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के बहुमत हासिल कर लिया है। फ्लोर टेस्ट के दौरान कई विपक्षी और सहयोगी दलों ने खुलकर TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस ने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान विजय सरकार का समर्थन करने की घोषणा की। वहीं सीपीआईएम ने भी सदन में टीवीके सरकार के पक्ष में खड़े होने की बात कही। सीपीआई ने भी टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की। इसके अलावा वीसीके ने भी फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार को समर्थन देने का एलान किया। हालांकि समर्थन के साथ वीसीके ने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। पार्टी ने महाराष्ट्र और कर्नाटक की तर्ज पर तमिलनाडु में अंधविश्वास के खिलाफ कानून लाने की अपील की। वीसीके विधायक वन्नी अरसु ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष पार्टियों ने सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है और विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगी। कार्यवाही के दौरान IUML ने टीवीके सरकार को समर्थन देने का एलान किया। सदन में बोलते हुए ढ्ढरूरु नेताओं ने कहा कि विजय सरकार की शुरुआती कार्यशैली सकारात्मक संकेत दे रही है। भाजपा-पीएमके और एआईएडीएमके का क्या रहा फैसला? वहीं दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि विश्वास मत की कार्यवाही पर उसका रुख तटस्थ है। पीएमके की सौम्या अंबुमणि ने कहा कि उनकी पार्टी विश्वास मत पर मतदान से दूर रहेगी। एआईएडीएमके विधायक एडप्पादी के पलानीस्वामी का कहना है कि हम टीवीके सरकार के खिलाफ वोट करेंगे।इसके अलावा, एआईएडीएमके के विधायकों के एक वर्ग, जिनमें से लगभग 30 विधायक वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सी वे शनमुगम के नेतृत्व में हैं और पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी के विरोधी हैं, ने सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है।पलानीस्वामी के प्रति निष्ठा रखने वाले एआईएडीएमके विधायकों ने कहा है कि वे सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे और चेतावनी दी है कि फरमान के खिलाफ जाने वाले पार्टी विधायकों पर दलबदल विरोधी कानून लागू होगा।

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