उत्तर प्रदेश में बारिश का भारी कहर, तीन दिनों में 67 लोगों की मौत
नई दिल्ली।
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती सिस्टम ‘अर्नब’ के कारण लगातार हो रही वर्षा से कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। उत्तर प्रदेश में गुरुवार शाम से जारी वर्षा का सिलसिला रविवार को कुछ थमता नजर आया लेकिन इस कारण जन-धन की बड़ी हानि हुई है। वर्षाजनित हादसों के कारण रविवार तक 67 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर 56 मौतों की बात कही जा रही है।खरीफ और दलहनी फसलों को बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही। अगेती धान की फसल खेतों में गिरने के साथ तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द व मूंग की फसलें तबाह हुई हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। शनिवार रात तक प्रदेश में 49 मौतों की सूचना थी। रविवार को 18 और लोगों की मौत का समाचार है।
25 से 27 सितंबर के बीच प्रदेश में दीर्घावधि औसत 9.4 मिलीमीटर रहती है, लेकिन इसके सापेक्ष इन तीन दिनों में 111.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यानी सामान्य से 1084 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, इतनी बारिश असामान्य है। रविवार को रामपुर में भाखड़ा नांगल बांध का एक हिस्सा धंस गया जिससे रिसाव तेज होने की आशंका है। उधर, उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर जहां पानी भर गया है, वहां कुछ लोग मछलियां पकड़ते नजर आए।

