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वॉलमार्ट CEO मैकमिलन ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, कहा- कारोबारी माहौल को बनाएं सुगम

नई दिल्ली। वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रिटेलर कम्पनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO डग मैकमिलन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत में निवेश को संरक्षण देने वाला एक उदार और स्थायित्वपूर्ण व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की है। वॉलमार्ट ने भारत में स्टोर खोलने के लिए तरह तरह के लाइसेंस की जरूरत को कम करने का भी आग्रह किया है।

मैकमिलन ने 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में डेटा की गोपनीयता और स्थानीयकरण की जरूरत का मुद्दा भी उठाया है। पत्र में कहा गया है कि कंपनियों को सीमाओं के पार उपभोक्ताओं के आंकड़े एक देश से दूसरे देश में भेजने की छूट होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि एक मजबूत और आकर्षक नियामकीय वातावरण से हम अधिक रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर निवेश करने का अवसर मिलेगा। इससे भारतीय आपूर्तिकर्ताओं और उपभोक्ताओं को फायदा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी की पिछले महीने की अमेरिका यात्रा के दौरान उनके साथ मुलाकात कर जिक्र करते हुए मैकमिलन ने कहा कि वॉलमार्ट भारत में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही वह अपने वैश्विक कारोबार के लिए भारत से माल की खरीद भी बढ़ाएगी। वॉलमार्ट ने देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण पर 16 अरब डॉलर खर्च किए हैं। फ्लिपकार्ट और अन्य E-कॉमर्स कंपनियों को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से संबंधित नियमों में बदलाव के अनुरूप अपने कारोबारी मॉडल को बदलना पड़ा है।

वॉलमार्ट के प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र को व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दबाव की रणनीति करार दिया है। कैट ने कहा है कि सरकार के आर्थिक आधार या नीति ढांचे में किसी तरह की अस्थिरता नहीं है। यह कंपनी की 45 लाख करोड़ रुपये के कारोबार में जगह बनाने के प्रयास का हिस्सा है। मैकमिलन ने पत्र में कहा है कि आज औसतन हमें एक नया बेस्ट प्राइस स्टोर खोलने के लिए 45 परमिटों की जरूरत होती है। इसमें तीन साल लग जाते हैं। यह अमेरिका और हमारे परिचालन वाले अन्य बाजारों की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि एक नए बेस्ट प्राइस स्टोर से दो हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होते है।

वॉलमार्ट ने खुदरा स्टोरों के लिए एकल खिड़की प्रणाली का भी आग्रह किया है। उन्होंने भारतीय नागरिकों के डेटा की गोपनीयता को लेकर सरकार की चिंता का समर्थन किया। लेकिन साथ ही कहा कि कंपनियों को देश में सृजित डेटा को विदेश में स्थानांतरित करने की अनुमति होनी चाहिए। वहीं कैट ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसे वॉलमार्ट की दबाव बनाने की रणनीति बताया है। कैट ने पत्र में कहा है कि इस तरह का आग्रह करने वाले लोगों पर दुनियाभर में पहले से अनैतिक और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए कई बार जुर्माना लगाया जा चुका है।

हाल में भारत, ब्राजील, चीन और मेक्सिकों में घूसखोरी के आरोप में अमेरिका द्वारा वॉलमार्ट पर 28.3 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। व्यापारियों के संगठन ने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों का कारोबारी मॉडल अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक मूल्यांकन के खेल से अधिक कुछ नहीं है। इसने भारत के खुदरा क्षेत्र के मूल आधार और बाजार ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

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