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अलविदा अरुण जेटली : भाजपा के ‘संकटमोचक’ और PM मोदी के ‘संकट के साथी’ थे अरुण जेटली।

नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को निधन हो गया। बीते काफी दिनों से बीमारी से पीड़ित अरुण जेटली ने AIMS में आखिरी सांस ली। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अरुण जेटली का बतौर वित्त मंत्री बड़ा योगदान रहा है। मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में जितने भी अहम फैसले लिए, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अरुण जेटली अहम भागीदार थे। मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में जिस तरह के ताबड़तोड़ फैसले लिए, वे बिना अरुण जेटली के योगदान के शायद ही संभव होता।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में PM मोदी के सबसे अहम और करीबी किसी को माना जाता था, तो वे थे अरुण जेटली। बतौर वित्त मंत्री अरुण जेटली के कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी, इनसॉल्वेंसी एवं बैंकरप्शी कोड, जनधन योजना, कैश ट्रांसफर जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। इन सभी फैसलों का मुख्य चेहरा भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, मगर इसके पटकथा लेखक अरुण जेटली ही माने जाते हैं।

कई राजनीतिक पंडित तो अरुण जेटली को PM मोदी के लिए संकट के साथी विशेषण का इस्तेमाल कर चुके हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अरुण जेटली की न सिर्फ तारीफ कर चुके हैं, बल्कि उन्हें अपने मंत्रिमंडल का हीरा बता चुके हैं।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जब भी कांग्रेस या विपक्ष सरकार पर हमलावर होती थी, तब सरकार का पक्ष रखने या विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अरुण जेटली ही पहली पसंद होते थे।

राजनीतिक पंडित ऐसा मानते हैं कि PM मोदी के लिए अरुण जेटली खास भरोसेमंदों रहे हैं। यही वजह है कि अरुण जेटली न सिर्फ आर्थिक मोर्चों पर बल्कि अन्य सभी मोर्चों पर सरकार का सफलतापूर्वक बचाव किया करते थे। ऐसा माना जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरुण जेटली से बिना सलाह लिए कोई फैसला नहीं लिया करते थे।

अरुण जेटली दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ की राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश करने वाले जेटली पेशे से अधिवक्ता रहे हैं। अरुण जेटली अटल सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। अटल के कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारियां तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कैबिनेट में अरुण जेटली को सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी सौंपी थी।

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