विश्व
पुष्टि - 326,836,658
मृत्यु - 5,553,780
ठीक- 266,449,527
भारत
पुष्टि - 37,122,164
मृत्यु - 486,094
ठीक- 35,085,721
महाराष्ट्र
पुष्टि - 71,24,278
मृत्यु - 1,41,756
ठीक- 67,17,125
केरल
पुष्टि - 53,42,953
मृत्यु - 50,568
ठीक- 52,14,862
कर्नाटक
पुष्टि - 31,53,247
मृत्यु - 38,411
ठीक- 29,73,470
तमिलनाडु
पुष्टि - 28,91,959
मृत्यु - 36,956
ठीक- 27,36,986

सरपंच द्वारा प्रतिदिन एक लीटर दूध देकर कुपोषण दूर करने की जा रही कवायद

रायपुर। ग्राम पंचायत बोड़रा निवासी कृषक चंदन साहू एवं रजनी साहू के सवा साल का पुत्र सयांश अब सुपोषित होने की ओर अग्रसर है। सयांश के जन्म के समय में उसका वजन सामान्य था। जन्म के बाद उसका तालू कटा होने की वजह से स्तनपान करने में कठिनाई होने लगी और सयांश का वजन अपेक्षाकृत नहीं बढ़ा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सविता साहू द्वारा गृहभेंट कर वजन माप लिया गया, तब पता चला कि सयांश का वजन जन्म की अपेक्षा कम होता जा रहा है। इसके बाद सयांश को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया गया। चिरायु दल द्वारा शिविर में कटे तालू के ऑपरेशन के लिए सयांश का चिन्हांकन किया तथा सयांश का वजन आठ किलोग्राम होने के बाद ऑपरेशन करने की बात कही गई।

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरू कर जहां कुपोषित बच्चों, गर्भवती और शिशुवती माताओं को अण्डा, दूध सहित गर्म पका भोजन दिए जाने की कवायद की जा रही है। वहीं जिले के ग्राम पंचायत बोड़रा की सरपंच श्रीमती फुलवा बाई द्वारा कुपोषित मासूम सयांश को गोद लेकर उसे सुपोषित करने के उद्देश्य से 12 सितंबर से प्रतिदिन एक लीटर दूध दिया जा रहा है। इससे सयांश का वजन 4.7 ग्राम से बढ़कर अब 5.3 हो गया है। उनके द्वारा यह दूध छः माह तक दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत बोड़रा में तीन आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिसमें से केन्द्र क्रमांक-01 रेड केन्द्र है। यहां 12 से अधिक कुपोषित बच्चे हैं, यहां 3-6 वर्ष तक के 13 बच्चों में से 07 मध्यम कुपोषित हैं। इसी तरह 08 गर्भवती और 07 शिशुवती माताएं दर्ज हैं। केन्द्र को यथासंभव पंचायत प्रतिनिधियांे द्वारा गोद लेकर लड्डू बनाने की सामग्री और चना-मूंग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू होने के बाद केन्द्र में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ी है। दो बच्चे मध्यम कुपोषण से सामान्य में आए हैं, वहीं तीन बच्चों के वजन में भी परिवर्तन आया है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.